कोरोना वायरस धीरे-धीरे भारत में भी अपना पांव पसार रहा है. खासकर महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है. ऐसे में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सभी कार्यालयों को नोटिस जारी कर ‘वर्क फ्रॉम होम’ मुहिम में तेजी लाने को कहा है. डीओपीटी ने सभी विभागों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके कार्यालक के आधे कर्मचारी घर से ही काम करें. किसी भी सूरत में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ऑफिस नहीं आने देने को कहा है.
सभी विभागों के प्रमुख को चिट्ठी लिखते हुए डीओपीटी ने कहा कि ग्रुप बी और ग्रुप सी के 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा जाए. इस संबध में सभी हेड ऑफ डिपार्टमेंट से वीकली रोस्टर लाने को कहा गया है और इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है.
मुंबई में 'डब्बा वाला' सर्विस बंद
कोरोना वायरस को देखते हुए मुंबई में 'डब्बा वाला' सर्विस भी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. यानी अब मुंबई में 'डब्बा वाला' किसी को खाने का टिफिन नहीं भेजेगा. बता दें, डब्बा वाला ऐसे लोगों का एक समूह है जो मुंबई शहर में काम कर रहे सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारियों को दोपहर का खाना उनके ऑफिस तक पहुंचाता है.
कोरोना वायरस के बढ़ते कहर और असर को देखते हुए अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी बड़ा फैसला लिया है. आरबीआई ने भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने कंपनियों से अपने 50 फीसदी स्टाफ से काम कराने का आदेश दिया था इस आदेश को आरबीआई ने गंभीरता से लिया है.
RBI ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा
आरबीआई ने कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश दिया है. इस दौरान किसी भी बड़े मसले पर अगर बैठक करनी होगी तो वो वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाएगी.
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सीएम ने बेवजह घर से नहीं निकलने की अपील की
मुंबई में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या सबसे अधिक है. ऐसे में सीएम उद्धव ठाकरे ने सभी लोगों से अपील की है कि अनावश्यक कारणों से बाहर ना निकलें. अभी भी कई लोग बेवजह की यात्रा कर रहे हैं. हमें इससे बचना चाहिए. हमारी लड़ाई वायरस से है और इसके लिए हमें आप सबकी मदद चाहिए. डॉक्टर और नर्स अपना घर छोड़कर आपको बचाने के लिए लड़ रहे हैं.