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कोरोना

Corona: एम्बुलेंस लेकर भटक रहे परिजन, चंद्रपुर से तेलंगाना तक दौड़े फिर भी अस्पताल में बेड नहीं

Maharashtra.
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महाराष्ट्र के चंद्रपुर में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है. जिले में मेडिकल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. जिले में एक भी बेड खाली न होने से परिजन मरीज को एम्बुलेंस में लेकर दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं. चंद्रपुर के आस-पास के जिले में निजी हो या सरकारी सभी अस्पतालों के बेड फुल हैं. (इनपुट-विकास राजुरकर)

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जिले में अस्पताल फुल होने पर लोग अब बेड की तलाश में पड़ोसी राज्य तेलंगाना तक दौड़ लगा रहे हैं फिर भी उन्हें बेड नहीं मिल रहा है. यही नहीं, पिछले दो दिनों से एम्बुलेंस में मरीज को लेकर भटक रहे परिजन परेशान हैं, न तो उन्हें कोविड अस्पताल में बेड मिल रहा है और न ही मरीज को घर ले जा सकते हैं ऐसे में करें तो क्या करें. 

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कोविड अस्पताल के सामने एम्बुलेंस में ऑक्सीजन लगाए 41 साल के किशोर नारशेट्टीवार कोरोना से संक्रमित होने के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे. चंद्रपुर के जिला अस्पताल के सामने होने के बावजूद इनका इलाज नहीं हो सका क्योंकि वहां वेंटिलेटर बेड मौजूद नहीं था.

आलम ये है कि जिले में तो क्या पड़ोसी राज्य तेलंगाना में तक बेड खाली नहीं हैं. बताया जा रहा है कि परिजन दो दिनों से मरीज को एम्बुलेंस में लेकर बेड के लिए दर-दर भटक रहे हैं. वहीं, जब एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर भी खत्म हो गया तो मरीज के बेटे ने अपने पिता को खुद ही एम्बुलेंस से निकाल कर अस्पताल के एक बेड पर लिटा दिया. 

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कोरोना मरीज किशोर नारशेट्टीवार के बेटे सागर ने आजतक को बताया कि वह अपने पिता को एम्बुलेंस में लेकर दो दिनों से जिले के हर सरकारी और निजी अस्पतालों में चक्कर काट रहे हैं. इसके बावजूद भी बेड नहीं मिलने से वो तेलंगाना के मंचेरियाल तक गए. वहां भी उन्हें बेड नहीं मिला इसलिए लाचार होकर वापस चंद्रपुर में कोविड अस्पताल के सामने एम्बुलेंस खड़ी कर दी और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

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बता दें, जिले में लगातार कोरोना के मामले रिकॉर्ड ब्रेक कर रहे हैं. एक हजार से भी ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. जिले में आज एक्टिव मरीजों की संख्या सात हजार के पास पहुंच चुकी है तो जिले में अब तक 514 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. बढ़ते कोरोना मामलों के कारण प्रशासन भी लाचार नजर आ रहा है.