scorecardresearch
 

11 से 15 जनवरी के बीच कर सकेंगे गोल्ड बांड में निवेश, जानें ये जरूरी बातें

सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम 2020-21 की 10वीं श्रृंखला के बांड 11 जनवरी 2021 से 15 जनवरी 2021 तक खरीदे जा सकेंगे. डिजिटल भुगतान पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट भी है. यहां जानें सभी जरूरी बातें

11 से 15 जनवरी के बीच कर सकेंगे गोल्ड बांड में निवेश (फाइल फोटो) 11 से 15 जनवरी के बीच कर सकेंगे गोल्ड बांड में निवेश (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार की ओर से RBI जारी करता है गोल्ड बांड
  • सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम 2020-21 की 10वीं श्रृंखला
  • डिजिटल भुगतान पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट

सरकार ने सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम 2020-21 की 10वीं श्रृंखला के बांड की जारी करने अधिसूचना जारी कर दी है. सोमवार 11 जनवरी 2021 से लेकर 15 जनवरी 2021 के बीच में इन बांड में निवेश किया जा सकेगा. इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें यहां जान सकते हैं.

कितनी है बांड की कीमत
इस बार बांड की कीमत 5,104 रुपये प्रति ग्राम रखी गयी है. इससे पिछली श्रृंखला के गोल्ड बांड की कीमत 5,000 रुपये प्रति ग्राम थी. सरकार ने सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम 2020-21 की 9वीं श्रृंखला के बांड 28 दिसंबर 2020 से 1 जनवरी 2021 के बीच जारी किए थे.

डिजिटल भुगतान पर क्या है फायदा
यदि निवेशक बांड की खरीद के लिए डिजिटल भुगतान करते हैं तो उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी. इस प्रकार उनके लिए गोल्ड बांड का मूल्य 5,104 रुपये के मुकाबले घटकर 5,054 रुपये प्रति ग्राम रह जाएगा.

देखें आजतक टीवी लाइव

कहां से खरीदा जा सकता है यह बांड
लगभग सभी कमर्शियल बैंक गोल्ड बांड जारी करते हैं. निवेशक उन बैंक की शाखा या ऑनलाइन माध्यम से इसकी खरीद कर सकते हैं. इसके अलावा शेयर बाजारों, बीएसई, एनएसई, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की शाखाओं और चुनिंदा डाकघरों से भी इनकी खरीद की जा सकती है.

कौन-कौन खरीद सकता है
आम लोगों के अलावा, ट्रस्ट, चैरिटेबल ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) इस बांड में निवेश कर सकते हैं.

कौन करता है जारी
देश में गोल्ड बांड को सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है. रिजर्व बैंक पूरे वित्त वर्ष दौरान कई श्रृंखलाओं में इन्हें जारी करता है.

क्यों लायी गई यह योजना
हमारे देश में लोगों को सोने में निवेश करना बहुत पसंद है. लेकिन हम सोने का उत्पादन नहीं करते, बल्कि बड़ी मात्रा में इसका आयात करते हैं. इससे देश के खजाने पर बोझ पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2015 में ‘सॉवरिन गोल्ड बांड’ स्कीम पेश की थी, ताकि लोगों के पास फिजिकल गोल्ड में निवेश का विकल्प उपलब्ध हो.

क्या लाभ है
इसके तहत बांड खरीदने वाले निवेशकों को सोने की कीमत के अनुरूप रिटर्न मिलता है. साथ ही निर्गम मूल्य पर सालाना 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी देय होता है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें