चांदी की कीमत फिर भर-भराकर टूटी है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सिल्वर प्राइस देखते ही देखते क्रैश (Silver Price Crash) हो गया, शाम 6.15 बजे चांदी में 12 फीसदी की भारी गिरावट के साथ लोअर सर्किट लग गया है. यानी झटके में चांदी 29000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. इस ताजा गिरावट के बाद अब चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 2 लाख रुपये से ज्यादा टूट चुकी है.
दूसरी ओर सोना भी पस्त पड़ा है, MCX पर सोना 6 फीसदी टूट गया है. जिससे कीमत में 9000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है. अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा पॉलिसी रेट को स्थिर रखने के अलावा युद्ध के बीच जोरदार बिकवाली के बीच सोना-चांदी टूटे हैं.
चांदी हाई से 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही चांदी का वायदा भाव अपने बुधवार के बंद 2,48,194 रुपये से गिरकर ओपन हुआ, और खबर लिखे जाने तक चांदी का भाव 12 फीसदी टूटकर 2,18,411 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में 1 Kg Silver Price 29700 रुपये तक टूट गया.
बात चांदी के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो बीते 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था और इस लेवल से अब तक काफी क्रैश हो चुका है. ताजा गिरावट के आधार पर कैलकुलेशन करें, तो चांदी अब हाई से 2 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती है.
सोना भी लगातार हो रहा धड़ाम
चांदी के साथ-साथ सोना भी टूट रहा है. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बुधवार को 1,53,025 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और गुरुवार 6 फीसदी की गिरावट के साथ 1,43,844 रुपये पर आ गया है. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 9 हजार रुपये कम हो गया. जबकि अपने हाई लेवल 1,93,096 रुपये की तुलना में अब वायदा सोना 50 हजार रुपये सस्ता मिल रहा है.
सोना-चांदी में गिरावट के बड़े कारण
Gold-Silver Rate Fall के पीछे के कारणों का जिक्र करें, तो अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों को ये कहते हुए स्थिर रखा गया है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध से चरम पर पहुंची ग्लोबल टेंशन से आर्थिक हालात अच्छे नजर नहीं आ रहे. फेड के रुख से सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा है.
इसके अलावा होर्मुज बंद होने और खाड़ी देशों में ऑयल-गैस प्लांट पर हमलों से क्रूड की कीमत तेजी से बढ़ी है. जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा पैदा हो गया है. इसके अलावा निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' की ओर रुख कर रहे हैं, जो हालिया दिनों में मजबूत हुआ है. जियो-पॉलिटिकल तनाव के बावजूद सोना-चांदी टूटने के पीछे हाई पॉलिसी रेट्स और मजबूत डॉलर के बढ़ने से विपरीत प्रभाव को माना जा सकता है.
(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)