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Credit Score: खराब हो गया है क्रेडिट स्कोर, इस उपाय से कर सकते हैं सुधार

क्रेडिट स्‍कोर (Credit Score) किसी शख्‍स की क्रेडिट हिस्‍ट्री (Credit History) को दर्शाता है. क्रेडिट स्कोर बताता है कि आपने कब-कब कर्ज लिया, आपके पास अभी कितने कर्ज हैं, आप कितने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, आपके ऊपर कितनी देनदारियां हैं और यह भी कि आप अपने कर्ज का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से करते हैं. समय पर कर्ज की किस्तें चुकाना आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाता है.

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क्रेडिट स्कोर सुधारने के उपाय क्रेडिट स्कोर सुधारने के उपाय

अमूमन लोग कोई आपात स्थिति आने या अचानक कोई जरूरत पड़ जाने पर लोन (Loan) का सहारा लेते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग लोन की कुछ किस्तें (EMI) चुकाने के बाद मुश्किलों में फंस जाते हैं और किस्तें डिफॉल्ट करने लग जाते हैं. ऐसा करने का सबसे पहला असर आपके क्रेडिट स्कोर (Credit Score) पर पड़ता है. क्रेडिट स्कोर आज के जमाने में बेहद काम की चीज है और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत होती है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हुआ तो कोई भी बैंक आपको किसी तरह का लोन नहीं देगा. इस कारण क्रेडिट स्कोर को अच्छा बनाए रखना जरूरी है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही उपाय बताने जा रहे हैं, जो क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं...

क्रेडिट स्कोर इस कारण महत्वपूर्ण

दरअसल क्रेडिट स्‍कोर (Credit Score) किसी शख्‍स की क्रेडिट हिस्‍ट्री (Credit History) को दर्शाता है. क्रेडिट स्कोर बताता है कि आपने कब-कब कर्ज लिया, आपके पास अभी कितने कर्ज हैं, आप कितने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, आपके ऊपर कितनी देनदारियां हैं और यह भी कि आप अपने कर्ज का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से करते हैं. समय पर कर्ज की किस्तें चुकाना आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाता है. वहीं किस्तों के भुगतान में डिफॉल्ट करने या देरी करने पर क्रेडिट स्कोर खराब होता है.

वैल्यू के हिसाब से मिलता है लोन

क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने के लिए गोल्ड लोन (Gold Loan) एक बेहतर माध्यम बताया जाता है. गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है. इसमें आप सोना गिरवी रखते हैं और उसकी वैल्यू के हिसाब से बैंक व वित्तीय संस्थान आपको कर्ज देते हैं. अब सवाल यह उठता है कि क्या गोल्ड लोन से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है? तो जवाब है- हां. गोल्ड लोन की किस्तों का समय पर भुगतान करने से क्रेडिट स्कोर तेजी से सुधरता है, वहीं इसमें डिफॉल्ट करना क्रेडिट स्कोर को तेजी से गिराता भी है.

गोल्ड लोन का इस तरह से होता है असर

आप कभी भी किसी लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो क्रेडिट स्कोर पर इसका असर पड़ता है. दरअसल बैंक लोन देने से पहले क्रेडिट ब्यूरो से आपके क्रेडिट हिस्ट्री की जानकारी मांगते हैं. इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है. गोल्ड लोन के लिए भी अप्लाई करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है, लेकिन इसमें थोड़ा पेंच है. बाकी अन्य लोन की तरह जब आप गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो कर्ज देने वाले बैंक या संस्थान इन्क्वायरी करते हैं.

क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट मांगी जाती है ताकि आपके एप्लीकेशन पर फैसला किया जा सके. इस तरह की इन्क्वायरी आपके क्रेडिट रिपोर्ट में नजर आती हैं. बिना इन्क्वायरी के लोन नहीं मिलता है. ऐसे में अगर क्रेडिट रिपोर्ट में ज्यादा इन्क्वायरी दिखती हैं, वो भी कम समय में, तो यह इस बात का संकेत देती है कि या तो आपको कर्ज की बहुत ज्यादा जरूरत है या फिर आप जरूरत से ज्यादा कर्ज ले रहे हैं. इनमें से कोई भी संकेत अच्छा नहीं है और आपके क्रेडिट स्कोर पर असर डालता है.

समय पर किस्तों का भुगतान जरूरी

गोल्ड लोन मिलने के बाद आपको तय शर्तों के मुताबिक पैसा वापस करना होता है. कर्ज की शर्तों को पूरा करने पर आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ता है. अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने के लिए लोन की ईएमआई समय पर या समय से पहले चुकाना जरूरी है. समय पर ईएमआई (EMI) चुकाना जिम्मेदार क्रेडिट व्यवहार को दर्शाता है और ऐसे लोगों को बैंक आसानी से कर्ज दे देते हैं. यही नहीं, कुछ वित्तीय संस्थान तो ब्याज दरों में थोड़ी-बहुत छूट भी दे देते हैं. वहीं, दूसरी ओर कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट करने पर न सिर्फ आपका क्रेडिट स्कोर खराब होगा बल्कि आपको लेट फीस भी देनी होगी.

 

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