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महंगा होगा अपना घर खरीदना, बढ़ती होम लोन की दरों के साथ ये 2 वजहें हैं अहम

रियल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन क्रेडाई (Credai) ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में मकानों की कीमतों में कुल 10 से 15 फीसदी का इजाफा हो सकता है. क्रेडाई के मुताबिक अभी तक कीमतों में 5 से 8 फीसदी का इजाफा हुआ है. क्रेडाई ने आने वाले दिनों में भी दाम 5 से 7 फीसदी बढ़ने की आशंका जताई है.

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बढ़ रहे हैं घरों के दाम बढ़ रहे हैं घरों के दाम
स्टोरी हाइलाइट्स
  • होम लोन के महंगा होने से बढ़ जाएगी EMI
  • सीमेंट-स्टील के दाम बढ़ने से महंगे होंगे घर
  • बिना बिके मकानों की संख्या घटने से बढ़ेगी कीमतें

अपना घर खरीदने या बनाने का सपना देखने वालों के लिए बुरी खबर है. अब जल्दी ही सस्ते होम लोन (Home Loan) का दौर समाप्त होने वाला है. इसके अलावा कंस्ट्रक्शन के सामानों की महंगाई बेतरह बढ़ रही है. इनके अलावा भी कुछ फैक्टर हैं, जिनके चलते अपने घर का सपना पूरा करना महंगा होने वाला है.

खत्म होने लगा है सस्ते होम लोन का दौर

पिछले 6 साल के दौरान नोटबंदी, GST और रेरा (RERA) जैसे झटके झेलने के बाद अब देशभर में बिना बिके मकानों की संख्या कम होने लगी है. ऐसे में सप्लाई घटने और डिमांड बढ़ने से घरों की कीमतों पर दबाव पड़ना तय है. इसके साथ ही सीमेंट, स्टील समेत बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल होने वाले तमाम रॉ मटीरियल्स की कीमतें लगातार बढ़ी हैं. इस वजह से भी घरों के दाम ऊपर की तरफ जा सकते हैं. सस्ते होम लोन का दौर अब विदाई लेता नजर आ रहा है. SBI, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने MCLR में बढ़ोतरी करके इसका बेस भी तैयार कर दिया है.

इतने फीसदी बढ़ सकते हैं मकानों के दाम

रियल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन क्रेडाई (Credai) ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में मकानों की कीमतों में कुल 10 से 15 फीसदी का इजाफा हो सकता है. क्रेडाई के मुताबिक अभी तक कीमतों में 5 से 8 फीसदी का इजाफा हुआ है. क्रेडाई ने आने वाले दिनों में भी दाम 5 से 7 फीसदी बढ़ने की आशंका जताई है. अब तो महंगाई ने भी प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर संकट खड़ा कर दिया है. बीते कुछ महीनो में सीमेंट के दाम प्रति बैग 100 रुपए तक उछल गए हैं. वहीं स्टील की कीमतें 45 हजार प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर 89 हजार प्रति मीट्रिक टन हो गई हैं.

रॉ मटीरियल्स की महंगाई से होगा नुकसान

क्रेडाई के सर्वे में शामिल हुए 40 फीसदी डेवलपर्स ने सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि अगर महंगाई नहीं घटी तो फिर उनके लिए प्रोजेक्ट्स पूरा करना मुश्किल हो जाएगा. रियल एस्टेट को एक खुशखबरी इनवेंट्री घटने से मिली है. हालांकि यह घर खरीदारों के लिए ठीक नहीं है. इससे सप्लाई घटेगी, जिससे आखिरकार ग्राहकों को महंगा घर मिलेगा.

बिना बिके घरों में आई इतनी कमी

एनारॉक (Anarock) की रिपोर्ट के मुताबिक 2 साल में बिना बिके घरों की संख्या में 21 फीसदी की गिरावट आई है. अफोर्डेबल हाउसिंग में तो बड़ी कमी आई है साथ ही लक्जरी होम्स की अनसोल्ड इंवेट्री भी 5 फीसदी घट गई है. यानी महंगे होम लोन, महंगे कंस्ट्रक्शन के साथ ही सप्लाई में कमी की ये तिकड़ी आम आदमी के गृह प्रवेश के सपने को आसानी से पूरा नहीं होने देगी.

 

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