मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा की उपस्थिति में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (डीएमआईसी) का सूबे में शुभारंभ और इसके पहले अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का शिलान्यास किया.
ग्रेटर नोएडा में इस टाउनशिप के विकास से 33 हजार करोड़ रुपये के पूंजी निवेश और 58 हजार नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.
ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के संपूर्ण विकास पर यूपी में 30 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक निवेश 24 लाख करोड़ पहुंच जाएगा.
होटल ताज विवांता में शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी व पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर प्रदेश में मिल रहे हैं. इससे न सिर्फ आर्थिक विकास को तेजी मिलेगी, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. यूपी का तेजी से औद्योगिक विकास होगा.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने डीएमआईसी प्रोजेक्ट के काम में रुचि नहीं ली लेकिन उनकी सरकार ने इसे तेजी से बढ़ाया है. ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जिसे मंजूरी मिली. इस कॉरीडोर का सबसे ज्यादा फायदा यूपी को मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न व वेस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर सूबे में औद्योगिक विकास की तस्वीर बदल देंगे. ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित इस पहले अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट के पूरा होने से जहां 33 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा वहीं 58 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.