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लॉकडाउन में भी एक्‍टिव रहा EPFO, अप्रैल-मई में निपटाए ये जरूरी काम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अप्रैल-मई के दौरान अपने 52.62 लाख अंशधारकों के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) ब्योरे को अपडेट किया.

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श्रम मंत्रालय की ओर जानकारी दी गई श्रम मंत्रालय की ओर जानकारी दी गई
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 39.97 लाख अंशधारको के खातों को आधार से जोड़ा
  • करीब 11.11 लाख अंशधारकों को बैंक खाते से जोड़ा

बीते 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक्‍टिव नजर आया. ताजा आंकड़े बताते हैं कि ईपीएफओ ने अप्रैल-मई के दौरान अपने 52.62 लाख अंशधारकों के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) ब्योरे को अपडेट किया.

क्‍या कहते हैं आंकड़े

श्रम मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इसमें 39.97 लाख अंशधारको के खातों को आधार से, 9.7 लाख अंशधारकों के खातों को मोबाइल से और करीब 11.11 लाख अंशधारकों को बैंक खाते से जोड़ना शामिल हैं. श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक कोविड-19 संकट को देखते हुए ऑनलाइन सेवा उपलब्ध कराने के लिये ईपीएफओ ने अप्रैल और मई में अपने 52.62 लाख अंशधारकों के केवाईसी को अपडेट किया. आपको बता दें कि केवाईसी एक बार की प्रक्रिया है. इससे सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) को केवाईसी ब्योरे से जोड़ने से अंशधारकों के सत्यापन में मदद मिलती है. 

इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने बताया कि ईपीएफओ ने ‘लॉकडाउन’ के दौरान अंशधारकों के ब्योरे को अपडेट करने का भी अभियान चलाया. इसका नतीजा ये हुआ कि 4.81 लाख नाम, 2.01 लाख जन्म तिथि और 3.70 लाख आधार संख्या पिछले दो महीनों में अपडेट किये गए. ईपीएफओ की ये सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराई गई हैं. 

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इस बीच, सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) के तहत दो जून तक 59.23 लाख ईपीएफओ खाताधारक कर्मचारियों को लाभ पहुंचाया गया है. इसके लिए 895 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की है. इसमें सरकार ने तीन महीने की अवधि के लिए नियोक्ता और कर्मचारियों दोनों के संपूर्ण 24 प्रतिशत पीएफ अंशदान करने का निर्णय लिया है. 

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