केंद्र सरकार ने फॉरेक्स रिजर्व को बचाने, रुपये पर दबाव को कम करने और अर्थव्यवस्था से भार हटाने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए गोल्ड समेत कीमती धातुओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है.
पहले 1 किलो सोने के आयात पर 6% आयात शुल्क लगता था यानी 1.5 करोड़ रुपये के 1 किलो सोने पर 6% की दर से 9 लाख रुपये का शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब 15% की दर से 1 किलो सोने पर आपको आयात शुल्क के रूप में 22.5 लाख रुपये का भुगतान करना होगा.
इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी को लेकर एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है और एक बड़े खतरे को इशारा किया है. कैपिटलमाइंड म्यूचुअल फंड के सीईओ दीपक शेनॉय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ड्यूटी में बढ़ोतरी से सोने की तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका है.
शेनॉय ने यह भी बताया कि पिछली बार जब ड्यूटी बढ़ाई गई थी, तब भी सोने की तस्करी की घटनाएं हुई थीं, जिनमें एक आईपीएस अधिकारी की बेटी भी शामिल थी. मुझे उम्मीद है कि यह अस्थायी है. उन्होंने कहा कि 1 किलो सोना 1.5 करोड़ रुपये का होता है और उसका 15% 22 लाख रुपये होता है.
उन्होंने कहा कि 1 किलो सोना बहुत कम होता है. पिछली बार हमने ऐसी चौंकाने वाली कहानियां देखी थीं कि कैसे आईपीएस अधिकारी की बेटी समेत हर कोई सोने की तस्करी कर रहा था और शायद इससे भी कहीं ज्यादा लोग पकड़े नहीं गए. अब फिर वही सब होने वाला है.
आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का सोने का आयात 2024-25 के 58 अरब डॉलर के मुकाबले 2025-26 में 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया. 2023-24 में सोने का आयात 45.54 अरब डॉलर, 2022-23 में 35 अरब डॉलर, 2021-22 में 46.14 अरब डॉलर, 2020-21 में 34.62 अरब डॉलर और 2019-20 में 28.2 अरब डॉलर रहा.
बता दें कीमती धातु के आयात में वृद्धि से देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा व्यय पर दबाव पड़ता है. आयात में वृद्धि के कारण 2025-26 के दौरान भारत का व्यापार घाटा (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया.