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अप्रैल में थोक महंगाई दर गिरकर हुई -2.65 फीसदी

रिटेल महंगाई दर में गिरावट के बाद गुरुवार को आए अप्रैल के थोक महंगाई आंकड़ों में भी कमी दर्ज हुई है. अप्रैल में थोक महंगाई दर -2.65 फीसदी हो गई है जबकि मार्च में थोक महंगाई दर -2.33 फीसदी थी. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर में लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज की गई है.

रिटेल महंगाई दर में गिरावट के बाद गुरुवार को आए अप्रैल के थोक महंगाई आंकड़ों में भी कमी दर्ज हुई है. अप्रैल में थोक महंगाई दर -2.65 फीसदी हो गई है जबकि मार्च में थोक महंगाई दर -2.33 फीसदी थी. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर में लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज की गई है.

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर में गिरावट के लिए फ्यूल एंड पॉवर, खाने-पीने की वस्तु और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी बड़ी वजह रही. इन आंकड़ों के बाद एक बार फिर रिजर्व बैंक पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ने लगा है और जानकारों का मानना है कि अगली मौद्रिक समीक्षा में आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं.

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2015 में मैन्‍युफैक्‍चरिंग क्षेत्र की महंगाई दर -0.19 फीसदी थी, जो अप्रैल में -0.52 फीसदी पर आ गई.

अप्रैल में खाने-पीने के चीजों की थोक महंगाई दर गिरकर 5.73 फीसदी पर आ गई. मार्च में खाद्य महंगाई दर 6.31 फीसदी पर थी. अप्रैल में चावल, सब्जियां, आलू, प्‍याज और दूध की कीमतों में कमी आई है. वहीं, गेहूं, फल, अंडे की कीमतें अप्रैल में मार्च की तुलना में बढ़ी हैं.

फ्यूल एवं पावर क्षेत्र की महंगाई दर में गिरावट बरकरार है. अप्रैल फ्यूल एवं पावर ग्रुप की थोक महंगाई दर -13.03 फीसदी रही. मार्च में फ्यूल एवं पावर ग्रुप की थोक महंगाई दर -12.56 फीसदी थी.

मैन्‍युफैक्‍चरिंग क्षेत्र में भी केन्द्र सरकार को राहत मिली है. अप्रैल में मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्रोडक्‍ट्स की महंगाई दर -0.52 फीसदी रही. मार्च में मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्रोडक्‍ट्स की महंगाई दर -0.19 फीसदी थी.

 

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