पिछले बचे अधिक स्टॉक और कमजोर वैश्विक मूल्य के कारण निकट भविष्य में चीनी की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की सहायक संस्था आईएमएसीएस ने यह जानकारी दी है.
आईएमएसीएस ने एक रिपोर्ट में कहा कि लगातार तीसरे वर्ष अधिशेष उत्पादन की संभावना को देखते हुए चीनी की वैश्विक कीमत चीनी वर्ष 2013 में गिरने की उम्मीद है. पहले के बचे स्टॉक के और बढ़ने की भविष्यवाणी की गई है जिसके कारण वैश्विक चीनी कीमतों पर दबाव बढ़ेगा.
भारत में चीनी वर्ष अक्टूबर से लेकर सितंबर महीने तक का होता है. चीनी वर्ष 2013 में चीनी उत्पादन करीब 24 से 26 लाख टन घटकर 2.4 करोड़ टन रह जाने की उम्मीद है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले के बचे हुए करीब 68 लाख टन के स्टॉक को देखते हुए चीनी वर्ष 2012 में चीनी की कुल उपलब्धता करीब 3.07 से 3.1 करोड़ टन होने का अनुमान है.
इसकी तुलना में चीनी की खपत बढ़कर 2.27-2.3 करोड़ टन होने की उम्मीद है जिसके कारण करीब 80 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बच जायेगा.
इसमें कहा गया है कि 61 लाख टन के बचे हुए स्टॉक पर विचार करते हुए चीनी वर्ष 2012 में निर्यात 35 लाख टन से घटकर चीनी वर्ष 2013 में करीब 20-22 लाख टन रह जाने की संभावना है.