scorecardresearch
 

बड़ी बढ़त के साथ शेयर बाजार बंद, सेंसेक्स में आई 214 अंकों की तेजी, निफ्टी में भी उछाल

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 359 अंक तक चढ़ गया था. अंत में सेंसेक्स 214 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,435 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 359 अंक तक चढ़ गया था सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 359 अंक तक चढ़ गया था

  • शुक्रवार को सेंसेक्स 214 अंक चढ़ गया
  • निफ्टी 11,371.60 अंक पर बंद हुआ

बीते कारोबारी दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई. एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और एशियन पेंट्स जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स 214 अंक चढ़ गया. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 359 अंक तक चढ़ गया था.

अंत में सेंसेक्स 214 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,435 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 59 अंक या 0.53 प्रतिशत के लाभ के साथ 11,371.60 अंक पर बंद हुआ. इस बीच, रुपया 18 पैसे की बढ़त के साथ 74.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

एनटीपीसी में 5 फीसदी की बढ़त

सेंसेक्स की कंपनियों में एनटीपीसी का शेयर सबसे अधिक करीब पांच प्रतिशत चढ़ गया. पावरग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, नेस्ले इंडिया, एसबीआई तथा एक्सिस बैंक के शेयर भी बढ़त में रहे. वहीं, दूसरी ओर ओएनजीसी, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में नुकसान दर्ज हुआ.

क्या है वजह

कारोबारियों ने कहा कि कुछ शेयर आधारित गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख से स्थानीय बाजार में तेजी आई. अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लाभ में रहे.

गुरुवार को बाजार का हाल

बता दें कि गुरुवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 394 अंक यानी 1.02 प्रतिशत का गोता लगाकर 38,220 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 96.20 अंक यानी 0.84 प्रतिशत टूटकर 11,312 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सर्वाधिक नुकसान एचडीएफसी को हुआ. कंपनी का शेयर 2.35 प्रतिशत नीचे आया.

विदेशी निवेशकों ने निकाले पैसे

भारत केंद्रित विदेशी कोषों और एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड्स (ईटीएफ) से जून तिमाही में 1.5 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की गयी. यह शुद्ध निकासी वाली लगातार नौंवीं तिमाही हो गयी. मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी. हालांकि, यह मार्च तिमाही में की गयी निकासी की तुलना में काफी कम है. मार्च तिमाही में पांच अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की गयी थी.

ये पढ़ें—ऑनलाइन दवा बाजार में छिड़ने वाली है बड़ी जंग! रिलायंस, Amazon हैं तैयार

इस कैलेंडर वर्ष के पहले छह महीने में 6.5 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की जा चुकी है. बता दें कि विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजारों में पैसे लगाने के लिये जिन तरीकों को चुनते हैं, उनमें भारत केंद्रित विदेशी कोषों तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड मुख्य हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें