सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में रौनक रही. शुक्रवार को सेंसेक्स शुरू से ही बढ़त में रहा और अंत में 548.46 अंक यानी 1.50 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 37,020.14 अंक पर बंद हुआ. इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 161.75 यानी 1.51 प्रतिशत उछलकर 10,901.70 अंक पर बंद हुआ. वहीं विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 75.02 पर बंद हुआ.
किस शेयर में तेजी
सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक लाभ में ओएनजीसी रही. इसमें 5.52 प्रतिशत की तेजी आयी. उसके बाद टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा. दूसरी तरफ टीसीएस, नेस्ले इंडिया, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और एक्सिस बैंक में गिरावट दर्ज की गयी.
इंफोसिस में शुक्रवार को मुनाफा वसूली
शुक्रवार को मुनाफा वसूली की वजह से इंफोसिस के शेयर लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए. कारोबार के अंत में इंफोसिस का शेयर 904 रुपये के भाव पर था. इससे पहले, गुरुवार को इंफोसिस के शेयर में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली. आपको बता दें कि इंफोसिस के चालू वित्त वर्ष में उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे आए हैं. पहली तिमाही में इंफोसिस का शुद्ध लाभ 12.4 प्रतिशत बढ़ा है.
यही वजह है कि गुरुवार को बीएसई में कंपनी का शेयर 9.56 प्रतिशत बढ़कर 910.90 रुपये पर पहुंच गया. दिन में कारोबार के दौरान एक समय यह 14.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 952 रुपये पर पहुंचा था. एनएसई में कंपनी का शेयर 9.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 910 रुपये पर बंद हुआ. शेयर में जोरदार बढ़त से बीएसई में कंपनी का मार्केट कैप 33,853.4 करोड़ रुपये बढ़कर 3,87,966.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
शेयर बाजार के लिए गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा. सेंसेक्स कारोबार की समाप्ति पर 419.87 अंक या 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36,471.68 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह निफ्टी 121.75 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,739.95 अंक पर पहुंच गया.
शेयर बाजार में स्थिरता कब?
शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अभी उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा. किसी खास कारण से समय-समय पर तेजी तो जाती है लेकिन फिर मुनाफा वसूली के लिए निवेशक शेयर बेच भी देते हैं. मतलब अब भी निवेशकों में भरोसे की कमी है.
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एक्सपर्ट के मुताबिक कोरोना को लेकर अब भी कोई ठोस उम्मीद नहीं दिख रही है. इसके अलावा अमेरिका और चीन के बीच का तनाव एक बार फिर गहराता जा रहा है. वर्तमान दौर में निवेशकों की निगाह विशेष शेयरों पर है.