आने वाले दिनों में पोस्ट ऑफिस से आपके जरूरी कागजात लाने वाले व्यक्ति को डाकिया नहीं, बल्कि पोस्ट पर्सन बुलाया जा सकता है. भारत सरकार डाकिया को पोस्ट पर्सन नाम देने को लेकर विचार कर रही है. इसको लेकर सुझाव सूचना प्रौद्योगिकी पर बनी संसदीय समिति ने दिया है.
इस सुझाव को लेकर डाक विभाग ने समिति को अपना जवाब भेजा है. इसमें विभाग ने कहा है कि पोस्ट मैन को पोस्ट पर्सन का नाम देने के प्रस्ताव पर अभी विचार किया जा रहा है. समिति को दिए गए जवाब में विभाग ने यह भी बताया है कि सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द डाकिया लिंग-निर्पेक्ष है.
सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की जिस स्थायी समिति ने डाक विभाग से पोस्ट मैन को पोस्ट पर्सन का नाम देने की सिफारिश की है उस समिति की अगुवाई भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर कर रहे हैं.
बता दें कि इस रिपोर्ट को मंगलवार के दिन संसद में रखा गया. विभाग की अनुदान मांगों पर अपनी इस रिपोर्ट में समिति ने कहा कि डाक विभाग में लोगों तक उनकी डाक पहुंचाने वालों की नामावली बनाने की जरूरत है.
समिति ने विभाग की अनुदान मांगों पर पेश की गई अपनी इस रिपोर्ट में कहा है कि डाक विभाग में लोगों तक उनकी डाक पहुंचाने वाले लोगों की एक नामावली बनाई जानी चाहिए. इसी बात को ध्यान में रखकर समिति ने पोस्ट मैन को पोस्ट पर्सन का नाम देने का सुझाव दिया है.
स्थायी समिति ने यह भी कहा कि डाक विभाग में पोस्ट मैन और पोस्ट वुमन दोनों ही काम करते हैं. इसी वजह से इनका नाम बदलने की जरूरत है. हालांकि, समिति ने कहा कि डाकिया नाम लिंग की दृष्टि से बिल्कुल पक्षपात नहीं करता है.