भारतीय स्टेट बैंक ने बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य कर दिया है. ऐसा नहीं करेंगे, तो आपको इसके लिए चार्ज देना पड़ सकता है. लेकिन एसबीआई में ऐसे भी कुछ खाते हैं, जिनमें आपको न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती है. इसका मतलब यह है कि अगर आप इन खातों में जीरो बैलेंस भी रखते हैं, तो भी आपको किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा.
बदल सकते हैं मौजूदा अकाउंट
सबसे अच्छी बात यह है कि अगर फिलहाल आपका सामान्य बचत खाता है, तो आप इसे भी इन खातों में से किसी एक में बदल सकते हैं. इसके लिए आपको एसबीआई ब्रांच में जाकर इस बदलाव के लिए आवेदन करना होगा. इस तरह आप न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त से बच सकते हैं. नीचे दिए गए इन तीन खातों में आपको न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती है.
बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकांउट
आप एसबीआई के बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकाउंट के साथ एक नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट की तरह ही सारी सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं. इसके साथ आपको रूपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिस पर आपको किसी भी तरह का एनुअल चार्ज नहीं भरना पड़ता है. इस अकाउंट को आप एसबीआई की किसी भी ब्रांच में जाकर खुलवा सकते हैं. इसके साथ आपको अन्य सेविंग्स अकांउट की तरह ही ब्याज मिलेगा.
जनधन खाता
दूसरा है जनधन खाता. इसमें भी आपको मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं है. एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक इसके साथ आपको 1 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर भी मिलता है. जनधन खाते के साथ भी आपको रूपे डेबिट कार्ड मिलता है.
स्मॉल अकाउंट
अगर आपके पास सेविंग्स अकांउट खुलवाने के लिए जरूरी केवाईसी नहीं है, तो एसबीआई का स्मॉल अकाउंट आपके लिए है. यहां आपको न्यूनतम डॉक्युमेंट्स के साथ अकांउट खोलने का मौका मिलता है. इसमें भी आपको मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि इसमें आप 50 हजार रुपये से ज्यादा बैलेंस नहीं रख सकते.
एसबीआई सैलरी अकाउंट
एसबीआई सैलरी अकाउंट में भी मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त नहीं होती. हालांकि ये अकाउंट्स ज्यादातर कंपनियों की तरफ से उनके इम्प्लॉई के लिए खुलवाए जाते हैं. लेकिन अगर आपके पास भी एसबीआई का सैलरी अकांउट है, तो आपको मिनिमम बैलेंस रखने की चिंता से जूझने की जरूरत नहीं है.