scorecardresearch
 

लॉकडाउन: धीरे से चल पड़ा कारखानों का पहिया, 30-40% इकोनॉमी पटरी पर आने की उम्मीद

लॉकडाउन की वजह से इंडस्ट्री को होने वाले भारी नुकसान की वजह से सरकार ने ढील देते हुए जरूरी कामकाज शुरू करने पर जोर दिया है. केंद्र सरकार ने कई इंडस्ट्री में कामकाज शुरू करने की इजाजत दे दी है. जानकारों का कहना है कि यदि इसे सही तरीके से लागू किया गया तो आर्थिक गति​विधियां 30 से 40 फीसदी तक बहाल हो जाएंगी.

कई जरूरी इंडस्ट्री में शुरू हुआ काम (फाइल फोटो: चंद्रदीप कुमार) कई जरूरी इंडस्ट्री में शुरू हुआ काम (फाइल फोटो: चंद्रदीप कुमार)

  • सरकार ने कई जरूरी उद्योगों में काम शुरू करने की इजाजत दी
  • 20 अप्रैल यानी आज से ऐसी कई इंडस्ट्री में शुरू हो गया काम
  • उद्योग जगत ने सरकार के इस कदम को स्वागतयोग्य बताया
  • इससे 30-40 फीसदी आर्थिक गति​विधि पटरी पर आने की उम्मीद

केंद्र सरकार ने कई इंडस्ट्री में कामकाज शुरू करने की इजाजत दे दी है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट न शुरू होने और कई तरह की कड़ी शर्तों की वजह से इस बात को लेकर संशय भी जताया जा रहा है कि क्या कारखानों का पहिया तेज गति पकड़ पाएगा? लेकिन उद्योग जगत सरकार के इस कदम को इकोनॉमी के लिए जरूरी और स्वागत योग्य बता रहा है.

जानकारों का कहना है कि यदि इसे सही तरीके से लागू किया गया तो आर्थिक गति​विधियां 30 से 40 फीसदी तक बहाल हो जाएंगी. लॉकडाउन की वजह से इंडस्ट्री को होने वाले भारी नुकसान की वजह से सरकार ने ढील देते हुए जरूरी कामकाज शुरू करने पर जोर दिया है. इससे मजदूरों के पलायन पर अंकुश लगने की भी उम्मीद की जा रही है. लेकिन इसके लिए कई कड़ी शर्तें रखी गई हैं.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

गृह मंत्रालय ने जारी किए थे निर्देश

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित इलाकों में 20 अप्रैल से चुनिंदा आर्थिक गतिविधियों को आंशिक तौर पर शुरू करने को लेकर रविवार को दिशानिर्देश जारी किए थे. इसके अनुसार प्रवासी मजदूर लॉकडाउन (बंद) की अवधि के दौरान किसी राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह आ-जा सकेंगे.

लेकिन एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी. गृह सचिव अजय भल्ला ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा कि जब तक लॉकडाउन है. कामगारों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं होगी.

देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू किया पहले 21 दिनों का शुरुआती बंद 14 अप्रैल को समाप्त हो गया, लेकिन अब बंद की अवधि बढ़ाकर तीन मई कर दी गई है.

क्या कहते हैं इंडस्ट्री के लोग

इंडस्ट्री चैम्बर एसोचैम के महासिचव दीपक सूद ने Aajtak.in से कहा , 'लॉकडाउन से छूट तो व्यापक स्तर का है. मौजूदा हेल्थ इमरजेंसी को देखते हुए सरकार से इससे बेहतर हम उम्मीद नहीं कर सकते थे. यदि इसे जिम्मेदार तरीके से लागू किया गया तो आर्थिक गति​विधियां कम से कम 30 से 40 फीसदी तो बहाल हो ही जाएंगी.'

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

उन्होंने कहा, 'अभी सरकार की प्राथमिकता सबसे पहले कोरोना पर काबू पाना है. लेकिन इकोनॉमी को देखते कुछ जरूरी इंडस्ट्री में काम शुरू करने की इजाजत दी गई है. यह स्वागतयोग्य है. उन इलाकों में काम हो सकता है, जहां कोरोना का असर नहीं है, जैसे ग्रामीण इलाके. इंडस्ट्री इसके लिए मजदूरों की व्यवस्था कर सकती है और ट्रांसपोर्ट आदि की व्यवस्था कर सकती है.

इन इंडस्ट्रीज में होगा काम

उन्होंने कहा, 'जरूरी फूड प्रो​सेसिंग, कार्गो मूवमेंट, डाक सेवाएं, कोरियर सर्विस, बंदरगाह, आईटी हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, खनन, बिजली उत्पादन, टेलीकॉम, जूट इंडस्ट्री, पैकेजिंग मटीरियल, फार्मा इंडस्ट्री सभी में काम की इजाजत दी गई है. ये सभी हमारी इकोनॉमी के लिए इस समय खोलने जरूरी थे. इस समय डिमांड सिर्फ खाने-पीने, कृषि से जुड़े सामान या दवाओं की आने वाली है, ऐसे में बाकी इंडस्ट्री के लिए अपना कारखाना शुरू करना बहुत उत्साहजनक नहीं होगा. लेकिन अगर 30 से 40 फीसदी काम भी शुरू होता है, तो इकोनॉमी को एक गति तो मिल ही जाएगी, जो हमारी बैठ चुकी अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है.'

क्या है सरकारी आदेश

आदेश के अनुसार चूंकि संक्रमण क्षेत्र के बाहर वाले क्षेत्रों में 20 अप्रैल से संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अतिरिक्त गतिविधियों शुरू करने की अनुमति दी गयी है, ऐसे में ये कामगार औद्योगिक गतिविधियों, मैन्युफैक्चरिंग, निर्माण, कृषि और मनरेगा के तहत काम कर सकते हैं. राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भीतर उनकी आवाजाही के लिये कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

आदेश में साफ कहा गया है कि मजदूरों को उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से राज्य के बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी जहां वे फिलहाल रूके हुए हैं. बस यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार यात्रा के लिये इस्तेमाल होने वाली बसों की अच्छी तरीके से साफ-सफाई की जाएगी.

गाइडलाइन के अनुसार, इस यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन को मजदूरों के लिये खाना और पानी आदि की व्यवस्था करनी होगी.यानी किसी कारखाने के मजदूर यदि किसी दूसरे राज्य स्थित अपने घर गए हैं तो वे वापस नहीं आ पाएंगे. सिर्फ उसी राज्य के मजदूर कारखाने में काम कर सकते हैं, जहां कारखाना स्थित है.

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले सभी उद्योगों को काम शुरू करने की इजाजत दी गई है. इसके अलावा शहरी क्षेत्र के बाहर स्थित उद्योगों, एसईजेड, इं​डस्ट्रियल एस्टेट एवं टाउनशिप, एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट आदि में स्थित कारखानों को भी काम शुरू करने की इजाजत दी गई है. हालांकि उन्हें भी कड़ी शर्तों का पालन करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का पालन करना होगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें