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जेट एयरवेज के CEO ने दिया इस्‍तीफा, कंपनी बचाने की ये थे आखिरी उम्‍मीद

मंगलवार को आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज के दो बड़े अधिकारियों के इस्‍तीफे की खबर आई.

जेट एयरवेज को 1 दिन में दूसरा बड़ा झटका जेट एयरवेज को 1 दिन में दूसरा बड़ा झटका

आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. दरअसल, मंगलवार को जेट एयरवेज के दो बड़े अधिकारियों के इस्‍तीफे की खबर आई. पहला इस्‍तीफा मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित अग्रवाल का हुआ जबकि कंपनी को दूसरा झटका देते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने इस्तीफा दे दिया.

विनय दुबे थे आखिरी उम्‍मीद!

विनय दुबे का जेट एयरवेज से जाना बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, विनय दुबे बीते कुछ समय से जेट एयरवेज को बचाने की कवायद में जुटे थे. उन्‍होंने एयरलाइन की परिचालन को शुरू करने के लिए बैंकों से भी इमरजेंसी फंड की मांग की थी. इसके अलावा सैलरी नहीं मिलने की वजह से टूट रहे कर्मचारियों को भी एकजुट कर रहे थे. ऐसे में उनका इस्‍तीफा कंपनी के भविष्‍य के लिए एक बड़ा झटका है. 

एक महीने के भीतर 5वां इस्‍तीफा

यह एक महीने के भीतर 5 वां बड़ा इस्‍तीफा है. इससे पहले अमित अग्रवाल के अलावा जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के करीबी माने जा रहे शीर्ष कार्यकारी गौरांग शेट्टी ने भी निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था. इसके अलावा स्वतंत्र निदेशक राजश्री पाथी और गैर-कार्यकारी निदेशक नसीम जैदी ने इस्तीफा दिया था. नसीम जैदी मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त रह चुके हैं. जेट एयरवेज के निदेशक मंडल में अब केवल 3 निदेशक रॉबिन कामारक, अशोक चावला और शरद शर्मा रह गए हैं.

नरेश गोयल पहले ही दे चुके हैं इस्‍तीफा

जेट एयरवेज के प्रमोटर व संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्‍नी ने बीते मार्च में बोर्ड मीटिंग के दौरान ही इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में कर्जदाताओं ने कंपनी का प्रबंधन अपने हाथों में ले लिया. बता दें कि वर्तमान में जेट एयरवेज पर कुल 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. इन हालातों में कंपनी की ओर से अप्रैल में विमान सेवाएं अस्‍थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं. वहीं कंपनी के करीब 20 हजार से ज्‍यादा कर्मचारी सैलरी संकट से जूझ रहे हैं. कुछ कर्मचारी दूसरी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं.

नीलामी की प्रक्रिया जल्‍द

बैंकों का समूह एयरलाइन को बेचने की प्रक्रिया में लग चुका है. निजी इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल, इंडिगो पार्टनर्स, नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और एतिहाद एयरवेज को अपनी ईओआई देने के बाद बोली प्रस्तुत करने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था. हालांकि सिर्फ खाड़ी देश की एतिहाद एयरवेज ने ही अपना प्रस्ताव दिया है. एतिहाद की पहले से ही जेट एयरवेज में 20 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍सेदारी है.

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