भारतीय रेलवे ने आपके सफर को सुरक्षित बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है. अब सफर के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर आप आसानी से सुरक्षाकर्मी से संपर्क कर पाएंगे. इसके लिए भारतीय रेलवे ने खास इंतजाम किया है.
अब आपको सुरक्षाकर्मी S1 कोच की सीट नंबर 63 पर बैठे मिलेंगे. इनकी तलाश में अब आपको किसी ओर डब्बे में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
भारतीय रेलवे ने हाल ही में इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक सफर के दौरान कोई भी यात्री स्लीपर कोच के S1 डब्बे में आकर बर्थ नंबर 63 पर सुरक्षाकर्मी को मिल सकता है और अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है.
रेलवे के मुताबिक यह बर्थ जीआरपी और आरपीएफ दोनों के लिए रिजर्व रहेगा. सर्कुलर के मुताबिक जब ट्रेन में आरपीएफ के जवान होंगे, तो यह उनके लिए रिजर्व होगा.
अगर जीआरपी के जवान सफर के दौरान ट्रेन में हैं, तो उन्हें इस सीट पर मौजूद रहना होगा. रेलवे ने यह भी साफ किया है कि अगर ट्रेन में सफर के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं रहता है, तो यह सीट रिजर्व नहीं होगी.
भारतीय रेलवे ने कहा है कि सफर के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षाकर्मी की मदद के लिए यात्री इस सीट पर पहुंच सकते हैं और जरूरी मदद ले सकते हैं. बता दें कि भारतीय रेलवे टीटीई की सीट भी तय कर चुका है.
यात्रियों को ट्रेन में टीटीई को खोजने के लिए एक कोच से दूसरे कोच नहीं भटकना पड़ेगा. रेलवे ने सर्कुलर जारी कर सभी श्रेणियों में टीटीई और सुरक्षा गार्ड्स के बर्थ तय कर दिए हैं. शताब्दी और राजधानी जैसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में हर स्लीपर कोच के 7 नंबर बर्थ टीटीई की होगी.
इंटरसिटी टाइप ट्रेन के हर ऑल्टरनेट कोच यानी कि D1, D3, D5 और D7 कोच में 1 नंबर बर्थ टीटीई की होगी. इसी तरह गरीबरथ ( चेयरकार) जैसी ट्रेनों में G1, G,3, G5, G5 कोच में 7 नंबर बर्थ टीटीई की होगी.
इसके अलावा इकॉनमी ट्रेन (गरीब रथ जैसी) ट्रेनों में B1 और BE1 कोच में 7 नंबर बर्थ होगी. वहीं, सुपरफ़ास्ट ट्रेनों में A1 कोच में बर्थ नंबर 5 टीटीई के लिए होगी.