सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (संशोधन) अध्यादेश, 2015 लाने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी है. इस अध्यादेश से चेक बाउंस होने के मामलों में मुकदमा उन्हीं स्थानों पर दर्ज किए जा सकेंगे जहां उन्हें भुनाने के लिए पेश किया गया होगा.
इससे ऐसे मामलों में परेशान हो रहे 18 लाख लोगों को फायदा होने की संभावना है. आधिकारिक बयान के अनुसार,‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पर्रकाम्य लिखत (संशोधन) अध्यादेश 2015 को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.’
लोकसभा ने पर्रकाम्य लिखत (संशोधन) कानून 2015 को मई में पारित कर दिया है लेकिन इसे राज्य सभा में मंजूरी नहीं मिल सकी जिस कारण सरकार को अध्यादेश लाना पड़ रहा है. प्रस्तावित संशोधन के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2014 में सुनायी गयी उस व्यवस्था को बदलना है जिसमें उसने कहा था कि चेक बाउंस के मामले में दावा केवल चेक जारी करने वाली शाखाओं के क्षेत्र में ही जा सकते हैं.
-इनपुट भाषा