जनरल मोटर्स कंपनी अब भारत में अपनी कारें नहीं बेचेगी. साल के अंत तक ये बंद हो जाएगा.
भारत में जीएम
जीएम यानी जनरल मोटर्स बेंगलुरु में ऑपरेटिंग सेंटर जारी रखेगी. इसके अलावा वह भारत में मैन्यूफैक्चरिंग ऑपरेशन के लिए दो प्लांट पर रीफोकस करेगी. एक प्लांट मुंबई के दक्षिण-पूर्व में तालेगांव में है. जीएम पश्चिमी गुजरात में चाइनीज ज्वाइंट वेंचर कंपनी पार्टनर SAIC Motor Corp को बेचने की योजना बना रही है.
जनरल मोटर्स ने क्या कहा?
जनरल मोटर्स की ओर से कहा गया कि Chevrolet ब्रान्ड के लिए अब बाजार नहीं है. भले ही भारत का ऑटो बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अगले दशक में यह जापान को पीछे छोड़ तीसरे नंबर पर हो सकता है. हालांकि, कंपनी की ओर से साफ कहा गया कि वह पूरी तरह भारत के बाजार से खुद को अलग नहीं करेगी.
जीएम के इंटरनेशनल ऑपरेशन के चीफ स्टेफन जेकॉबी ने एक इंटरव्यू में कहा- जीएम भारत में मुख्य रूप से मैक्सिको और लैटिन अमेरिका से एक्सपोर्ट करती है. इस साल 31 मार्च तक करीब दोगुना 70 हजार 969 वाहनों का एक्सपोर्ट किया गया. तालेगांव में प्लांट की क्षमता 1 लाक 30 हजार कारों की है.
भारत पर क्या पड़ेगा असर?
ऑटो सेक्टर का बाजार भारत में तेजी से बढ़ा है. ऐसे मौके पर इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के वापस जाने से झटका लगेगा. घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर असर पड़ना स्वभाविक है.
घट रहा है शेवरले का क्रेज
वित्त वर्ष 2015 में जनरल मोटर्स कंपनी ने जहां 51 हजार 839 गाड़ियां बेचीं वहीं वित्त वर्ष 2016 में ये आंकड़ा घटकर 32 हजार 540 रह गया. इस आंकड़े का मतलब इस तथ्य से समझा जा सकता है कि जनवरी 2017 में मारुति ऑल्टो की ही 22 हजार 998 यूनिट बिकी हैं. भारत में जनरल मोटर्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार शेवरले बीट रही. इसके अलावा शेवरले सेल, शेवरले सेल युवा जैसी कारों ने भी कार बाजार पर कुछ असर डाला. हालांकि भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी का एकाधिकार रहा है जबकि दूसरे नंबर पर हुंदै का नाम आता है.