यदि आपकी सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक है तो आपको भी कंप्यूटर प्रणाली यानी ई-रिटर्न के जरिये अपनी आयकर रिटर्न भरनी होगी. आयकर विभाग आने वाले दिनों में इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी कर सकता है.
राजस्व सचिव सुमित बोस ने वाणिज्य एवं उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित बैठक में कहा, ‘आयकर विभाग बड़ी तेजी के साथ प्रौद्योगिकी आधारित कर रिटर्न प्रोसेंसिंग व्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में ई-रिटर्न फाइलिंग का दायरा भी बढ़ाया जायेगा. पांच लाख रुपये से अधिक सालाना कमाई होने पर ई-फाइलिंग को अनिवार्य बनाया जा रहा है.’
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) अध्यक्ष पूनम किशोर सक्सेना ने इस संबंध में विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार किया और कहा कि संसद में बजट पारित होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जायेगी. वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी बजट भाषण में इसका जिक्र किया है.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान कर प्रशासन में सुधार की दिशा में अनेक प्रशासनिक कदम उठाये गये हैं. ‘मैं सालाना सूचना रिटर्न का दायरा बढ़ाने, और अधिक बैंकों के जरिये इलेक्ट्रानिक भुगतान सुविधा शुरू करने, 50 हजार रुपये से अधिक रिफंड के लिये भी रिफंड बैंकर प्रणाली का विस्तार करने और करदाताओं की नई श्रेणियों के लिये ई-फाइलिंग को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव करता हूं.'
जानकार सूत्रों के अनुसार वर्तमान में दस लाख रुपये से अधिक सालाना आय होने पर ई-फाइलिंग अनिवार्य है अब इसका विस्तार करते हुये पांच लाख से अधिक आय वाली श्रेणी को भी अनिवार्य ई-फाइलिंग के दायरे में लाने का प्रस्ताव है.