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कोर इंडस्‍ट्री ने दिया झटका, फरवरी में सुस्‍त पड़ी ग्रोथ की रफ्तार

देश के आठ बुनियादी यानी कोर इंडस्‍ट्री की ग्रोथ रेट फरवरी में घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई. ग्रोथ रेट के सुस्त पड़ने का असर कुल औद्योगिक उत्पादन पर पड़ेगा. 

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फरवरी में सुस्‍त पड़ी कोर इंडस्‍ट्री के ग्रोथ की रफ्तार
फरवरी में सुस्‍त पड़ी कोर इंडस्‍ट्री के ग्रोथ की रफ्तार

कच्चे तेल और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन घटने की वजह से आठ बुनियादी यानी कोर इंडस्‍ट्री की ग्रोथ रेट फरवरी में घटकर 2.1 फीसदी पर आ गई. अगर सालाना आधार पर तुलना करें तो इसमें 3.3 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है. इससे पहले फरवरी, 2018 में  बुनियादी इंडस्‍ट्री की ग्रोथ रेट 5.4 फीसदी रही थी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक 2018-19 वित्त वर्ष की अप्रैल से फरवरी की अवधि में आठ बुनियादी उद्योगों की औसत वृद्धि दर 4.3 फीसदी पर स्थिर रही.

बुनियादी इंडस्‍ट्री में शामिल आठ उद्योग- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली  हैं. बुनियादी उद्योगों की ग्रोथ रेट के सुस्त पड़ने का असर कुल औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) पर पड़ेगा. औद्योगिक उत्पादन में बुनियादी उद्योगो का हिस्सा 41 फीसदी है.

फरवरी महीने में कच्चे तेल और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन क्रमश: 6.1 फीसदी और 0.8 फीसदी घट गया है.  हालांकि, फरवरी में कोयले और प्राकृतिक गैस का उत्पादन क्रमश: 7.3 फीसदी और 3.8 फीसदी बढ़ा. इसी तरह उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली क्षेत्र की ग्रोथ रेट घटकर क्रमश: 2.5 फीसदी, 4.9 फीसदी, 8 फीसदी और 0.7 फीसदी रही. इससे पिछले साल के समान महीने में इन क्षेत्रों का उत्पादन क्रमश: 5.2 फीसदी, 5 फीसदी, 23 फीसदी और 4.6 फीसदी बढ़ा था.

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बता दें कि औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर जनवरी महीने में धीमी पड़कर 1.7 फीसदी रह गई है. एक साल पहले यानी जनवरी, 2018 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 7.5 फीसदी रही थी. दिसंबर, 2018 के आईआईपी आंकड़ों को ऊपर की ओर संशोधित कर 2.6 फीसदी कर दिया गया था. पहले इसके 2.4 फीसदी रहने का अनुमान था.

 

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