कोरोना संकट की वजह से भारत समेत दुनियाभर की इकोनॉमी तबाह हो रही है. इस संकट से निपटने के लिए सरकारों की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैंकों ने भी मदद की शुरुआत कर दी है.
इसी के तहत ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित न्यू डेवेलपमेंट बैंक (एनडीबी) अपने सदस्य देशों को 15 अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा. ब्रिक्स देशों --ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका- के विदेश मंत्रियों की कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक के बाद रूस के विदेश मंत्री सेरगी लावराव ने ये जानकारी दी. मतलब ये कि न्यू डेवेलपमेंट बैंक के इस फैसले का फायदा भारत को भी मिलेगा.
रूस के विदेश मंत्री सेरगी लावराव ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया के लिये बड़ा झटका लेकर आई है. पूरी दुनिया की सरकारें इस झटके को हल्का करने के लिये कई तरह के उपाय कर रही हैं. हमारा मानना है कि यह हमारे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बहुत अच्छी मदद होगी.’’
एशियन डेवेलपमेंट बैंक ने भी किया था ऐलान
इससे पहले भारत की मदद के लिए एशियन डेवेलपमेंट बैंक (ADB) भी आगे आ चुका है. बीते दिनों ADB के अध्यक्ष मसातसुगु असाकावा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात भी की है. एडीबी बैंक भारत को 2.2 अरब डॉलर (लगभग 16,700 करोड़ रुपये) का पैकेज देने वाला है.
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इसी तरह, विश्व बैंक ने कोरोनो वायरस के प्रकोप से निपटने को भारत के लिए 1 अरब डॉलर के आपातकालीन वित्तपोषण को मंजूरी दी है. विश्व बैंक के मुताबिक विश्व बैंक की सहायता परियोजनाओं का पहला सेट 1.9 अरब डॉलर का है, जो 25 देशों की सहायता करेगा. वहीं आपातकालीन वित्तीय सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा 1 अरब डॉलर भारत को दिया गया है.