देश से फरार विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (KFAL) को लोन देने के मामले में सीबीआई ने शीर्ष बैंकर्स की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. इस संबंध में एजेंसी ने पब्लिक सेक्टर बैंक के पूर्व चेयरमैन समेत कई बैंकर्स को पत्र लिखकर उनसे जरूरी दस्तावेज और जानकारियां मांगी है. इसके अलावा कुछ बैंकर्स के बयान दर्ज करने के लिए समन भी भेजा गया है.
लंदन की अदालत ने भूमिका पर उठाए सवाल
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में माल्या प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के दौरान लंदन की एक अदालत ने भारतीय बैंकर्स की भूमिका पर सवाल उठाए थे. अदालत ने भारतीय अधिकारियों से कुछ बैंकर्स के खिलाफ अपने मामले की व्याख्या करने को कहा है.
आशंका है कि भारतीय बैंकों ने नियमों का उल्लंघन कर किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज मंजूर किया था. यही नहीं, सरकार की फ्रॉड ऑफिस की एक रिपोर्ट में भी किंगफिशर की कमजोर वित्तीय स्थिति के बावजूद माल्या को लोन देने के मामले में बैंकर्स की भूमिका की ओर इशारा किया गया है.
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि केन्द्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बैंकों द्वारा कर्ज देने के नॉर्म्स के उल्लंघन के पहलू पर ध्यान देना चाहिए .सरकार की फ्रॉड ऑफिस ने किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने के मामले में कई चूक का आरोप लगाया है.
किंगफिशर के मालिक विजय माल्या पर 17 बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. जिन बैंकों ने माल्या को कर्ज दिया है उनमें SBI, आईडीबीआई बैंक, पीएनबी , बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं.