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जीएसटी के जाल में फंसेगी ‘एक पर एक मुफ्त’ की पेशकश भी

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सामान के मुफ्त नमूने और उपहार और लोकप्रिय ‘एक खरीदने पर एक मुफ्त’ सामान की पेशकश भी प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आएंगे. सब कुछ सरकार की योजना के अनुसार हुआ तो जीएसटी अगले साल अप्रैल से लागू किया जा सकता है.

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अब मुफ्त चीजों पर भी होगी जीएसटी की मार अब मुफ्त चीजों पर भी होगी जीएसटी की मार

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सामान के मुफ्त नमूने और उपहार और लोकप्रिय ‘एक खरीदने पर एक मुफ्त’ सामान की पेशकश भी प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आएंगे. सब कुछ सरकार की योजना के अनुसार हुआ तो जीएसटी अगले साल अप्रैल से लागू किया जा सकता है.

क्या है नया मसौदा?
कर विशेषज्ञों ने कहा, 'सरकार ने मॉडल जीएसटी विधेयक का जो मसौदा सार्वजनिक चर्चा के लिए पेश किया है उसके तहत ऐसे हर सौदे पर कर लगेगा जिसमें बिना पैसे के की गई आपूर्ति पर भी जीएसटी लागू होगा. इसमें मुफ्त उपहार और नमूने तथा एक पर एक मुफ्त सौदे भी शामिल हैं.' मॉडल कानून के मसौदे की धारा-तीन में वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति को परिभाषित किया गया है जिसमें बिना मूल्य प्राप्ति के आपूर्ति भी शामिल है.

मुफ्त चीजों पर भी लगेगा GST
प्रस्तावित कानून की अनुसूचि - एक के तहत बिना किसी प्राप्ति के आपूर्ति को कर योग्य माना गया है. सामान्य भाषा में कहें तो खरीदारों को मुफ्त की चीजों पर भी जीएसटी अदा करना होगा.

बिक्री और विपणन पर होगा असर
इकनॉमिक लॉज प्रैक्टिस के भागीदारी रोहित जैन ने कहा, 'जीएसटी पूरी तरह से आपूर्ति की अवधारणा पर आधारित होगा जिनमें कारोबार बढ़ाने के लिए कर योग्य व्यक्ति द्वारा प्राप्ति हासिल न होने के बावजूद आपूर्ति की गई वस्तु एवं सेवा अब शामिल होगी.' केपीएमजी इंडिया के राष्ट्रीय प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) सचिन मेनन ने कहा, 'इससे कंपनियों की बिक्री और विपणन पर असर होगा जो एक पर एक मुफ्त जैसी मुफ्त नमूने या मुफ्त आपूर्ति रणनीति का अनुपालन करती हैं.' फिलहाल वस्तुओं के मुफ्त नमूनों पर उत्पाद शुल्क लगता है लेकिन वैट-सीएसटी नहीं लगता है. हालांकि उसकी अनुपात में कुछ राज्यों में वैट के तहत कर क्रेडिट दिया जाता है.

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