भारतीय मूल की पेप्सीको की मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंद्रा नूई ने कहा है कि उनके भीतर अभी काफी 'ऊर्जा' है और आने वाले समय में वह कुछ अलग करना तथा परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहती हैं. अमेरिका की पेय पदार्थ बनाने वाली इस कंपनी की बागडोर 12 साल संभालने के बाद नूई बुधवार को पद से हट रही हैं.
चेन्नई में जन्मीं नूई जब 2006 में पेप्सीको की सीईओ बनीं, उन्होंने कॉरपोरेट अमेरिका के लंबे समय से चल रहे बंधन को तोड़ा और लाखों युवा भारतीयों को अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित किया.
पेप्सीको की 2018 की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम को लेकर आयोजित कॉन्फ्रेन्स काल में अपने समापन संबोधन में उन्होंने कहा, 'आपको पता है सीईओ के रूप में 12 साल लंबा समय है और आज भी मेरे भीतर काफी ऊर्जा है. मैं अपने जीवन में कुछ अलग करना चाहती हूं. अपने परिवार के साथ अधिक समय व्यतीय करना चाहती हूं और पेप्सीको में अगली पीढ़ी को एक महान कंपनी की अगुवाई का मौका देना चाहती हूं.'
नूई ने कहा कि पेप्सीको की अगुवाई करने का मौका और मौजूदा निदेशक मंडल, कार्यकारी और सहयोगी, शेयरधारकों एवं अन्य संबंधित पक्षों समेत बेहतरीन लोगों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात रही है.
वह 24 साल से कंपनी में काम करने के बाद पद से हट रही हैं. इस 24 साल के सेवा काल में वह 12 साल सीईओ रहीं. वह 2019 की शुरुआत तक कंपनी की चेयरपर्सन रहेंगी ताकि जिम्मेदारी का बिना किसी समस्या के हस्तांतरण हो सके.
उल्लेखनीय है कि पेप्सीको के निदेशक मंडल ने इस साल अगस्त में नूई के उत्तराधिकारी के रूप में रामोन लागुआर्ता का चयन किया है. वह 62 साल की नूई का स्थान लेंगे.
इंदिरा नूई का जन्म चेन्नई में हुआ था और शुरुआती पढ़ाई भी चेन्नई में ही हुई. उन्होंने कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी और भारत में ही अपना करियर शुरु किया. उसके बाद उन्होंने अमेरिका में भी पढ़ाई की.
कई कंपनियों में काम करने के बाद 1994 में इंदिरा ने पेप्सिको ज्वाइन किया था. वह 2006 में कंपनी की सीईओ बनी थीं. साल 2006 के बाद से वो दुनिया की शक्तिशाली महिलाओं की सूची में लगातार शामिल रही हैं. उन्हें 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.