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बिजनेस

सरकारी बैंक का ग्राहकों को तोहफा, 1 अप्रैल को हुआ था विलय में शामिल

सरकारी बैंक का ग्राहकों को तोहफा, 1 अप्रैल को हुआ था विलय में शामिल
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बीते 1 अप्रैल से देश के 10 सरकारी बैंकों का विलय प्रभावी हो चुका है. इस विलय में केनरा बैंक भी शामिल है. केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय हुआ है.
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विलय के बाद केनरा बैंक ने पहली बार मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) को घटा दिया है. इसका मतलब ये है कि अब केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के ग्राहकों को होम, कार लोन सस्ती ब्याज दर पर मिलेंगे.
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इसके अलावा जिन लोगों का पहले से लोन चल रहा है उनकी भी ईएमआई कम हो जाएगी.  बता दें कि सिंडिकेट बैंक के विलय के बाद अब केनरा बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है.विलय के बाद देश में इस बैंक की 10,324 शाखाएं हैं.
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कितनी कम हुई ब्याज दर-

केनरा बैंक ने एक साल की अवधि वाले कर्ज के लिए 0.35 फीसदी, छह महीने की अवधि वाले कर्ज के लिए 0.30 फीसदी, तीन महीने की अवधि के लिए 0.2 फीसदी और एक महीने या एक दिन के लिए ब्याज दर में 0.15 फीसदी की कटौती की है.
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इसके अलावा केनरा बैंक ने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में 0.75 फीसदी की कटौती की है. इस कटौती के बाद बैंक का RLLR 8.05 फीसदी से घटकर 7.30 फीसदी रह गया. ये नई दरें आज यानी मंगलवार से प्रभावी हैं.


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इससे पहले एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी ब्याज दरें घटा दी हैं.
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बता दें कि रिजर्व बैंक ने लॉकडाउन को देखते हुए रेपो रेट में भारी कटौती की थी. इस वजह से बैंकों पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ गया था.