आधार कार्ड को लेकर पिछले दिनों कई अहम बदलाव हुए हैं. सबसे अहम बदलाव आधार को मोबाइल-बैंक खातों समेत अन्य सेवाओं से लिंक करने को लेकर हुआ है.
पिछले दिनों लगातार आए बदलाव के चलते लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं. आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख आगे बढ़ गई है. लेकिन अलग-अलग योजनाओं के लिए यह तारीख अलग-अलग है. ऐसे में एक कंफ्यूजन का माहौल खड़ा हो गया है. आगे जानें इन सवालों के जवाब.
31 मार्च की डेडलाइन किसके लिए है?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाने से इनकार कर दिया था. लेकिन इसके बाद सरकार ने अपने स्तर पर इस डेडलाइन को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है. इस तरह फिलहाल इसके लिए भी आपको 30 जून का समय मिल गया है. 31 मार्च तक की डेडलाइन की आपको चिंता करने की जरूरत नहीं.
पैन को आधार से लिंक करने की डेडलाइन क्या है?
पैन कार्ड को आधार से लिंक करने की डेडलाइन बढ़ चुकी है. सीबीडीटी ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर इसे 30 जून तक बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि आपके पास पैन को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए 30 जून तक का समय है.
बीमा पॉलिसी-आधार लिंक की डेडलाइन कब है?
अगर आपने अभी तक अपनी बीमा पॉलिसी आधार से लिंक नहीं की है, तो अब इसके लिए भी आपको समय मिल गया है. इंश्योरेंस रेग्युलेटर Irdai ने इसकी डेडलाइन तब तक बढ़ा दी है, जब तक सुप्रीम कोर्ट आधार लिंक को लेकर कोई फैसला नहीं ले लेता.
मोबाइल-बैंक लिंक करने की आखिरी तारीख कब है?
मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च नहीं है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में ही दिए एक फैसले में कहा कि मोबाइल और बैंक को आधार से लिंक करने की सुविधा तब तक खुली रहेगी, जब तक वह इस पर कोई फैसला नहीं दे देता. इसके बाद टेलीकॉम मंत्रालय ने भी इसे बढ़ा दिया.
फेस रिकगनिशन की सुविधा कब आ रही है?
यूआईडीएआई ने कहा है कि वह जुलाई से बायोमेट्रिक के जरिये आधार ऑथेंटिकेट करने की सुविधा के साथ 'फेस रिकगनिशन' का फीचर भी ला रही है. 1 जुलाई से यह नई सुविधा लागू हो जाएगी.
क्या है फेस रिकगनिशन?
जिस तरह आप बायोमैट्रिक के लिए अपने फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह आप चेहरे का इस्तेमाल इसके लिए कर सकेंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि इस फीचर को एक्टिव करने के लिए आपको एनरोलमेंट सेंटर नहीं जाना होगा. अथॉरिटी अपने डाटाबेस से आपका फेस फोटो लेकर एक्टिवेट करेगी.
वर्चुअल आईडी कब आ रहा है?
वर्चुअल आईडी की सुविधा देना 1 जून से सभी एजेसियों के लिए अनिवार्य हो जाएगा. इसके बाद वह वर्चुअल आईडी को लेने से इनकार नहीं कर सकेंगे. हालांकि पहले इसे लाने की योजना 1 मार्च थी, लेकिन ये आई नहीं. ऐसे में यह देखना होगा कि जून तक यह सुविधा आती है या नहीं.
कैसे काम करेगा वर्चुअल आईडी?
वर्चुअल आईडी आधार नंबर की तरह ही अंकों का एक समूह होगा. आधार नंबर जहां 12 अंकों का होता है वहीं, वर्चुअल आईडी 16 अंकों का होगा. वर्चुअल आईडी को आप अनगिनत बार जनरेट कर सकेंगे. यह आईडी सिर्फ कुछ समय के लिए ही वैध रहेगा. इससे इस आईडी का गलत इस्तेमाल होने की आशंका न के बराबर होगी.
घर से लिंकिंग की सुविधा किन योजनाओं के लिए है?
आधार को घर से लिंक करने की सुविधा मोबाइल नंबर, बैंक खाता, बीमा पॉलिसी समेत कई योजनाओं के लिए है. हालांकि मोबाइल आप तब ही घर से आधार के साथ वेरीफाई कर पाएंगे, जब आपका कम से कम एक नंबर इससे पहले से ही लिंक हो.
सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला?
दरअसल सुप्रीम कोर्ट में आधार की वैधता को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट इनको लेकर ही सुनवाई कर रहा है. सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही आधार लिंकिंग और इसकी वैधता की दिशा तय करेगा. (सभी फोटो प्रतीकात्मक)