scorecardresearch
 

मेडिटेशन के लिए साल में 11 छुट्टियां अलग से देती है ये स्टार्टअप

सोचिए कि नौकरी के तनाव से मुक्त करने के लिए कोई कंपनी आपको मेडिटेशन के लिए 11 छुट्टियां एक्स्ट्रा दे तो कैसा लगेगा? तो एक स्टार्टअप कंपनी है जो अपने एंप्लॉयीज को विपश्यना के लिए 11 दिन की छुट्टियां अलग से देती है.

विपश्यना ‘आत्म-अवलोकन’ के माध्यम से ‘आत्म-परिवर्तन’ का तरीका (फाइल फोटो) विपश्यना ‘आत्म-अवलोकन’ के माध्यम से ‘आत्म-परिवर्तन’ का तरीका (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीईओ ने लिंक्डइन पर शेयर किया अपना अनुभव
  • तनाव मुक्त, ऊर्जावान जीवन में लाभदायक विपश्यना
  • विपश्यना कोर्स करने बाद बदला को-फाउंडर का मन

आज की दौड़ती-भागती जिंदगी में यदि आपको 10 दिन ऐसे मिल जाएं, जहां ना सोशल मीडिया का प्रेशर हो, ना व्हाट्सएप पर मेसेज रिप्लाई करने की टेंशन. ऐसे 10 दिन जो बाहर की दुनिया से आपको अलग कर दे और खुद के अंदर झांकने, खुद से जुड़ने का मौका दे. तो एक स्टार्टअप कंपनी है जो अपने कर्मचारियों को विपश्यना कोर्स करने के लिए 11 दिन की छुट्टियां अलग से देती है.

क्या है विपश्यना
Dhamma.org के मुताबिक विपश्यना का सीधा-सीधा अर्थ दुनिया को वैसे देखना, जैसी वह है, मतलब उसे किसी विचार, वस्तु इत्यादि से नहीं जोड़ना. धम्म इसे ‘आत्म-अवलोकन’ के माध्यम से ‘आत्म-परिवर्तन’ का तरीका कहती है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी विपश्यना का अभ्यास करते हैं. 

देखें आजतक लाइव टीवी

कौन-सा स्टार्टअप दे रहा 11 छुट्टियां
सिंगापुर की सॉफ्टवेयर सर्विस स्टार्टअप कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने दिसंबर 2020 से ही अपने एंप्लॉयीज को 11 दिन की ‘विपश्यना लीव’ देने की घोषणा की है. कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ अनीश रेड्डी भारतीय मूल के हैं. 2020 की फरवरी में उन्होंने अपना पहला विपश्यना कोर्स किया. उसके बाद कंपनी के सीओओ को भी इस कोर्स के लिए भेजा और इस तरह बाद में सभी एंप्लॉयीज को इसका अनुभव दिलाने के लिए 11 दिन की अलग से छुट्टी देने की नीति बनायी.

लिंक्डइन पर शेयर किया अनुभव
अनीश रेड्डी नए साल की छुट्टियों पर पुडुचेरी के ऑरोविले आए थे. तब उन्होंने विपश्यना के अनुभव को लिंक्डइन पर शेयर किया था. उन्होंने लिखा कि ‘विपश्यना ने बिलकुल जादू की तरह काम किया. इसने उन्हें असल में बदल डाला और उनके कई सालों के निजी साथ-साथ स्टार्टअप शुरू करने के तनाव से मुक्त किया. उन्हें ऐसा लगा कि उनके सिर से कोई बोझ उतर गया हो. मन शांति से भर गया और खुद को बहुत ऊर्जावान महसूस किया. उन्हें नहीं पता कि इसने कैसे और क्यों काम किया, लेकिन बस कर दिया.’’

रेड्डी ने कहा कि फरवरी 2020 से पहले भी उन्होंने 2016 में विपश्यना कोर्स करने की कोशिश की थी. लेकिन समय के अभाव के चलते कर नहीं पाए. अब विपश्यना उनके निजी जीवन का हिस्सा है. वह लगभग रोज आधा घंटा इसे देते हैं और अपनी कंपनी के अंदर भी इसे प्रमोट करते हैं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें