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GDP Data: इकोनॉमी का परफॉर्मेंस RBI के अनुमान से बेहतर, रिकॉर्ड वैक्सीनेशन से लौटे ‘अच्छे दिन’!

रिकॉर्ड संख्या में हुए कोरोना टीकाकरण से इंडियन इकोनॉमी वापस रफ्तार पकड़ रही है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने मंगलवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े (GDP Data) जारी किए और ये आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था के ‘अच्छे दिन’ वापस आने की गवाही दे रहे हैं.

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GDP का RBI के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन (सांकेतिक फोटो) GDP का RBI के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 8 कोर इंडस्ट्री की भी अच्छी ग्रोथ
  • NSO ने जारी किए जीडीपी आंकड़े
  • 100 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लग चुके

कोरोना के कहर से जूझ रही भारतीय अर्थव्यवस्था मे सुधार के संकेत दिख रहे हैं. रिकॉर्ड संख्या में हुए कोरोना टीकाकरण से इंडियन इकोनॉमी वापस रफ्तार पकड़ रही है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने मंगलवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े (GDP Data) जारी किए और ये आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था के ‘अच्छे दिन’ वापस आने की गवाही दे रहे हैं. 

8.4% रही जीडीपी ग्रोथ

चालू वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.4% रही है. ये मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में बढ़ी डिमांड का भी असर है. इसी के साथ देश में कोरोना महामारी के खिलाफ रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वैक्सीनेशन ने भी अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करने में मदद की है. देश में 100 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लोगों को दी जा चुकी हैं.

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत कार्य करने वाले NSO की रिपोर्ट बताती है कि आधार वर्ष 2011-12 की कीमतों पर देश की जीडीपी 2021-22 की दूसरी तिमाही में 35.73 लाख करोड़ रुपये की रही है. पिछले साल 2020-21 की इसी तिमाही में ये 32.97 लाख करोड़ रुपये थी. इस तरह इस अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.4% रही है. हालांकि 2020-21 की इसी अवधि में देश कोरोना संकट से उबर रहा था और तब देश की आर्थिक वृद्धि दर में उससे पिछले साल के मुकाबले 7.4% की गिरावट दर्ज की गई थीॅ

RBI के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन

देश के केंद्रीय बैंक RBI ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.9% रहने का अनुमान जताया था. इस तरह जुलाई-सितंबर में इकोनॉमी का प्रदर्शन आरबीआई के अनुमाने से भी बेहतर रहा है. 
आंकड़े आने से पहले कई रेटिेंग एजेंसी और वित्तीय संस्थानों ने देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.8 से 8.5% के बीच रहने का अनुमान जताया था.  रेटिंग एजेंसी इक्रा ने भी सितंबर में केंद्र सरकार के खर्च बढ़ाने के आधार पर अपने अनुमान को संशोधित करते हुए दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.9% रहने की बात कही थी. इसी तरह CARE Ratings का अनुमान 8.1%  ग्रोथ का था.

कोर इंडस्ट्री की भी अच्छी ग्रोथ

इस बीच देश की 8 कोर इंडस्ट्री ने भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की है. अक्टूबर 2021 में कोयला, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली का उत्पादन बढ़ा है. इनकी कुल वृद्धि दर 7.5% रही है. सबसे अधिक 25.8% की वृद्धि प्राकृतिक गैस सेक्टर में दर्ज की गई है. 

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