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एक और बैंक पर गिरी गाज, RBI ने कैंसिल किया लाइसेंस, खाताधारकों के लिए अब ये विकल्प

RBI Cancels Laxmi Co operative Bank Licence: भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित द लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया है. RBI ने पर्याप्त पूंजी की कमी का हवाला देते हुए गुरुवार को इस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक की निरंतरता जमाकर्ताओं के हित में नहीं है.

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RBI ने इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द RBI ने इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र के एक को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक (Co-operative Bank) ने जमाकर्ताओं के खातों में जमा रकम से निकासी के दावों का लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है. केंद्रीय बैंक की ओर से इस संबंध में बयान जारी कर कहा गया है कि अब बैंक के जमाकर्ता 5,00,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं. 

लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक पर शिकंजा
गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित द लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (The Laxmi Co-operative Bank Limited) का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इसके बाद अब बैंक कारोबार या लेन-देन समेत अन्य वित्तीय कार्य नहीं कर सकेगा. इस संबंध में जारी आरबीआई की ओर से कहा गया है कि प्रत्येक जमाकर्ता डीआईसीजीसी अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) से 5 लाख रुपये तक का दावा करने का हकदार होगा.

पूंजी की कमी के चलते लाइसेंस रद्द
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पर्याप्त पूंजी की कमी का हवाला देते हुए गुरुवार को महाराष्ट्र स्थित द लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया है. आरबीआई ने एक बयान में कहा, 'Laxmi Co-operative Bank Limited का लाइसेंस रद्द किया गया है, क्योंकि उसके पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं और बैंक की निरंतरता उसके जमाकर्ताओं के हित में नहीं है.'

पैसे वापस पाने को करना होगा आवेदन                                                                                                                                     

दरअसल, डीआईसीजीसी एक्ट 1961 के मुताबिक जिन ग्राहकों का पैसा बैंक में जमा है, उन्हें 5 लाख रुपये के डिपॉजिट पर इंश्योरेंस का कवर दिया जाता है. बता दें कि डीआईसीजीसी (DICGC) रिजर्व बैंक की एक सब्सिडियरी है, जो सहकारी बैंकों के ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराता है. ऐसे में ग्राहकों को पांच लाख रुपये के जमा पर इंश्योरेंस क्लेम के तहत पैसे वापस मिल सकेंगे. यानी 5 लाख रुपये से अधिक की राशि वाले जमाकर्ताओं को पूरी राशि वापस नहीं मिल सकेगी, क्योंकि मैक्सिमम पांच लाख रुपये तक की ही भरपाई की जा सकेगी. 

हालांकि, इसके लिए खाताधारकों को अपनी जमा राशि के अनुसार बैंक से पैसे वापस लेने के लिए आवेदन करना होगा. रिजर्व बैंक के मुताबिक लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों को देखें तो इसके 99 फीसदी जमाकर्ताओं की जमा इस क्लेम दायरे के अंदर ही है. ऐसे में उन्हें अपनी पूरी रकम वापस मिल जाएगी.

110 साल पुराना ये बैंक भी हुआ बंद 
इससे पहले RBI ने हाल ही में पुणे स्थित रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड (Rupee Co-operative Bank Limited)  का लाइसेंस कैंसिल किया था, जो अब बंद हो गया. आरबीआई ने इस बैंक का लाइसेंस भी वित्तीय हालात ठीक ना होने के कारण रद्द किया था. RBI के फैसले के तहत 22 सितंबर से इस 110 साल पुराने बैंक की सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो गई हैं. 

 

 

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