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NSE Scam: 'योगी' के इशारे पर फैसले लेने वाली चित्रा रामकृष्ण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, किसी वक्त हो सकती हैं अरेस्ट

NSE Scam: सीबीआई इस मामले में आनंद सुब्रमण्यम को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. अब इस मामले में चित्रा रामकृष्णा पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. आइए जानते हैं कि इस मामले में क्या लेटेस्ट डेवलपमेंट सामने आया हैः

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फाइल फोटो
फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीबीआई आनंद को कर चुकी है गिरफ्तार
  • चित्रा दिल्ली हाई कोर्ट में कर सकती हैं अपील

NSE Scam Latest Development: दिल्ली के Rouse Avenue Court ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व चीफ चित्रा रामकृष्णा (Chitra Ramakrishna) की अग्रिम जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी. अब सीबीआई किसी भी वक्त एनएसई को-लोकेशन केस में चित्रा को अरेस्ट कर सकती है. हालांकि, अगर चित्रा रिलीफ के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करती हैं तो सीबीआई को अगले आदेश तक इंतजार करना होगा. सूत्रों ने आज तक के सहयोगी पब्लिकेशन 'इंडिया टुडे' को यह जानकारी दी. चित्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी. हालांकि, एजेंसी के विरोध के बाद कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी. 

'योगी' के कहने पर लेती थी फैसले

NSE की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चित्रा रामकृष्णा (Chitra Ramakrishna) NSE से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हिमालय में रहने वाले एक अज्ञात 'योगी' से शेयर करने को लेकर जांच का सामना कर रही हैं. सीबीआई अधिकारी चित्रा से इस मामले में मुंबई में पूछताछ कर चुके हैं. चित्रा के कथित निकट सहयोगी और NSE के पूर्व GOO आनंद सुब्रमण्यम (Anand Subramaniam) को सीबीआई पहले ही गिफ्तार कर चुकी है. 

कई साल तक चलती रहीं गड़बड़ियां

अधिकारियों के मुताबिक NSE में 2010 से 2015 के बीच कथित गड़बड़ियां हुईं. मार्च, 2013 तक रवि नारायण (Ravi Narain) एनएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर थे. उस दौरान चित्रा कंपनी की Deputy CEO थीं. उन्होंने अप्रैल, 2016 में रवि नारायण का स्थान लिया और दिसंबर, 2016 तक इस पर पद पर रहीं.

सीबीआई ने मार्केट रेगुलेटर सेबी की हालिया जांच रिपोर्ट के बाद ये एक्शन लिया है. 


आनंद की नियुक्ति को लेकर खड़े हुए थे सवाल

सेबी की रिपोर्ट में आनंद सुब्रमण्य की नियुक्ति को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए गए हैं. 2013 में उन्हें 1.68 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ NSE में चीफ स्ट्रेटेजिक एडवाइजर के तौर पर नियुक्त किया गया था. इससे पहले वह एक कंपनी में 15 लाख रुपये से कम के सालाना पैकेज पर काम करते थे. इसके बाद NSE में उन्हें एक तरह से नंबर दो की पोजिशन दे दी गई थी. अप्रैल, 2015 में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर 3.33 करोड़ रुपये कर दिया गया. इसके साथ ही उन्हें NSE का ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर (GOO) और एमडी एवं सीईओ चित्रा रामकृष्णा का एडवाइजर का पद दे दिया गया. 2016 में उनका सालाना पैकेज बढ़कर 4.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था. 

कामयाबी से विवाद तक...

एक समय था जब चित्रा रामकृष्णा की गिनती बेहद कामयाब फाइनेंस प्रोफेशनल में की जाती थी. सेबी का ड्राफ्ट फ्रेमवर्क तैयार करने वाली टीम से लेकर NSE की कोर टीम में शामिल रहीं रामकृष्णा एक समय में दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शुमार की जाती थीं. हालांकि, जब से यह विवाद सामने आया है, तब से रामकृष्णा काफी अधिक विवादों में हैं. 

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