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अर्थव्यवस्था में गिरावट का दिखने लगा खामियाजा, देश के टैक्स कलेक्शन में 22.5 फीसदी की कमी  

15 सितंबर तक एडवांस टैक्स कलेक्शन सहित केंद्र सरकार के कुल कर संग्रह में 22.5 फीसदी की कमी आई है. अर्थशास्त्रियों ने इस आंकड़े को अनुमानों के अनुरूप बताया है और कहा कि अर्थव्यवस्था की सुस्त गति को देखते हुए कुल कर संग्रह में जून तिमाही की तुलना में मामूली सुधार की ही अपेक्षा थी.

टैक्स कलेक्शन में गिरावट टैक्स कलेक्शन में गिरावट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जून तिमाही में इकोनॉमी की ग्रोथ नेगेटिव रही है
  • इस वित्त वर्ष में अब तक टैक्स कलेक्शन 22.5% घटा
  • टैक्स कलेक्शन घटने से सरकार के लिए बढ़ेगी मुश्किल

इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 में 15 सितंबर तक एडवांस टैक्स कलेक्शन सहित केंद्र सरकार के कुल कर संग्रह में 22.5 फीसदी की कमी आई है. कुल कर संग्रह घटकर 2,53,532.3 करोड़ रुपये ही रहा है. आयकर विभाग के एक सूत्र ने यह जानकारी दी है.

पहले से थी आशंका

अर्थशास्त्रियों ने इस आंकड़े को अपने अनुमानों के अनुरूप बताया है और कहा कि अर्थव्यवस्था की सुस्त गति को देखते हुए कुल कर संग्रह में जून तिमाही की तुलना में मामूली सुधार की ही अपेक्षा थी. जून तिमाही में कुल कर संग्रह में साल भर पहले की तुलना में 31 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी.

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने आयकर विभाग के मुंबई क्षेत्र के एक सूत्र के हवाले से खबर दी है  कि पिछले वित्त वर्ष में 15 सितंबर 2019 तक कुल कर संग्रह 3,27,320.2 करोड़ रुपये का था. एडवांस टैक्स कलेक्शन के बारे में सूत्र ने कहा कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है क्योंकि बैंक अंत तक इसमें बदलाव कर सकते हैं. 

अर्थव्यवस्था में गिरावट का असर 

गौरतलब है कि इस वित्त वर्ष की शुरुआत से ही कोरोना और लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था की हालत काफी खराब रही है. जून तिमाही की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट आई है. ऐसे में इस बात की आशंका पहले से थी कि टैक्स कलेक्शन में बड़ी गिरावट आएगी. 

जून तिमाही में आई थी भारी गिरावट 

चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई पहली तिमाही के दौरान कुल कर संग्रह 31 फीसदी कम रहा था. इस दौरान कर संग्रह 1,37,825 करोड़ रुपये रहा था. एडवांस टैक्स कलेक्शन में इस दौरान 76 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई.

इस वित्त वर्ष में 15 सितंबर तक के कुल संग्रह में पर्सनल इनकम टैक्स यानी व्यक्तिगत आयकर 1,47,004.6 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट  टैक्स 99,126.2 करोड़ रुपये रहा. ये दोनों राजस्व संग्रह के प्रमुख हिस्सा होते हैं और इन दोनों को मिलाकर कुल कर संग्रह 2,46,130.8 करोड़ रुपये रहा. कर राजस्व का एक और प्रमुख हिस्सा सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन यानी प्रतिभूति लेनदेन कर है, जिसमें अकेले मुंबई से ही 7,078.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. 

बेंगलुरु में हुई बढ़त 

कर संग्रह में सबसे ज्यादा गिरावट मुंबई क्षेत्र में 13.9 फीसदी की रही. मुंबई अभी भी कोरोना वायरस महामारी से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में से है. मुंबई में कर का कुल संग्रह साल भर पहले की तुलना में 13.9 फीसदी गिरकर 74,789.6 करोड़ रुपये रहा. 

इसमें पर्सनल इनकम टैक्स 34,808.8 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट टैक्स  32,921.2 करोड़ रुपये रहा. सूत्र के अनुसार, प्रमुख क्षेत्रों में बेंगलुरू अकेला ऐसा रहा, जहां सालाना आधार पर कर के कुल संग्रह में वृद्धि दर्ज की गयी. बेंगलुरू का कुल कर संग्रह साल भर पहले के 36,986 करोड़ रुपये से 9.9 फीसदी बढ़कर 40,665.3 करोड़ रुपये हो गया. 


 

 

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