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Tata को Air India सौंपने पर सवाल क्यों? संजीव सान्याल ने बताया बोल्ड फैसला!

वित्त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल (Sanjeev Sanyal) का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ रेट डबल डिजिट में रह सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसा तब संभव होगा, जब कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर नहीं आती है.

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एयर इंडिया का निजीकरण सही फैसला एयर इंडिया का निजीकरण सही फैसला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे हैं कदम
  • एअर इंडिया के निजीकरण में कुछ भी गलत नहीं

वित्त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल (Sanjeev Sanyal) का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ रेट डबल डिजिट में रह सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसा तब संभव होगा, जब कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर नहीं आती है. 

संजीव सान्याल ने कहा कि इकोनॉमी में तेजी से सुधार के संकेत मिल रहे हैं. कोरोना संकट की वजह से पिछले 18 महीने में रफ्तार धीमी पड़ गई थी. लेकिन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में इकोनॉमिक रिफॉर्म के लिए जो कदम उठाए हैं, उसके अच्छे परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं. 

एअर इंडिया के निजीकरण पर सवाल

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 के कार्यक्रम में Sanjeev Sanyal ने कहा कि एअर इंडिया (Air India) का प्राइवेटाइजेशन सरकार की सही रणनीति का नतीजा है. उन्होंने कहा कि एयर इंडिया को लेकर जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पता होगा कि एयर इंडिया को पूरी पारदर्शिता के साथ टाटा के हवाले किया गया है. उन्होंने बिडिंग के दौरान एअर इंडिया को खरीदा है, इसके लिए टाटा ने सबसे ज्यादा 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई. सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही है. 

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस इकोनॉमी रिफॉर्म पर है, और उस पर तेजी से काम किया जा रहा है. आगे भी मोनेटाइजेशन के लिए कई फैसले लिए जाएंगे. लेकिन प्राइवेटाइजेशन और मोनेटाइजेशन दो अलग-अलग कदम हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी प्रॉपर्टी का चयन किया है, जिसका मोनेटाइजेशन किया जाएगा. उसे हमेशा के लिए किसी के हवाले नहीं किया जाएगा. 

असेट्स मोनेटाइजेशन पर फोकस

संजीव सांन्याल ने कहा कि असेट्स मोनेटाइजेशन (Asset Monetization) पर सरकार का फोकस है, ना कि प्राइवेटजाइजेशन. इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रॉपर्टी का मोनेटाइजेशन किया जाएगा. ऐसी प्रॉपर्टी पर सरकार का ही अधिकार रहेगा, केवल तय समय तक के लिए प्राइवेट के हाथों में सौंपा जाएगा. उन्होंने बैंकिग सेक्टर के कुछ हिस्सों को निजी हाथों में सौंपा जाएगा. इसपर काम हो रहा है.  
 
उन्होंने कहा कि बीते 18 महीने काफी मुश्किल भरे रहे. महामारी ने पूरी दुनिया को बड़ा झटका दिया. बिजनेस बुरी तरह से प्रभावित हुआ, लेकिन इस दौरान सरकार ने लोगों के जनधन खातों में पैसे डाले गए और मुफ्त अनाज देने का फैसला लिया गया. 

महंगे पेट्रोल-डीजल के सवाल पर प्रधान आर्थिक सलाहकार ने कहा कि इकोनॉमी में सुधार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जा रहा है. टैक्स के पैसे को देशहित में खर्च किया जा रहा है. उन्होंने माना कि बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है. लेकिन इसके लिए उन्होंने कहा कि जॉब ग्रोथ को इकोनॉमी ग्रोथ से जोड़कर देखना होगा. कोरोना से इकोनॉमी की रफ्तार धीमी पड़ गई थी. अब सरकार ने कुछ सेक्टर के लिए PLI स्कीम का ऐलान किया गया है, ताकि जॉब के नए अवसर पैदा हों. 

 

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