नई दिल्ली में India Today AI Summit में इस सेक्टर के तमाम दिग्गजों ने शिरकत की और भारत में एआई के भविष्य से लेकर इससे होने वाले असर पर बात की. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे लेकर सरकार की तैयारियों के बारे में बताया, तो कई एक्सपर्ट्स ने बताया कि कैसे भारत एआई लीडर की भूमिका में आ सकता है. चर्चा के दौरान खास मुद्दा एआई से नौकरियों पर संकट रहा. आइए जानते हैं इसे लेकर किसने क्या कहा?
'नई तकनीक अवसर भी लाती है'
बुधवार को इंडिया टुडे एआई समिट में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने AI को लेकर भारत सरकार की तैयारियों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि इस टेक्नोलॉजी से हमारे स्टार्टअप्स को फायदा मिल सके. उन्होंने साफ किया कि इतिहास को देखें, तो जब भी कोई नई टेक्नोलॉजी आई है, तो शुरुआत में डर का माहौल रहता है, लेकिन फिर बाद में वहीं बड़े अवसर के रूप में दिखती है.
जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत के पास बड़ी शक्ति है, जो देश के युवा हैं और वे किसी भी चुनौती को स्वीकार कर सकते हैं. भारत की यही ताकत देश को आगे बढा रही है, क्योंकि उनके पास खर्च करने की क्षमता है और साथ ही वे इनोवेटिव होने के साथ ही क्रिएटिव भी हैं. इस टैलेंट के जरिए वे आगे बढ़ना चाहते हैं और सरकार उनके लिए द्वार खोल रही है. यही कारण है कि दुनिया, भारत में इस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं और यहां के मौजूदा स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. सरकार भी इसे लेकर पॉजिटिव है. इम्पैक्ट समिट में दुनियाभर से लोग भारत की पावर को देखकर ही पहुंच रहे हैं और देश में निवेश की घोषणाएं हो रही हैं. इनसे युवाओं को नौकरियों की अपार संभावनाएं मिलेंगी.
नौकरियों पर असर को लेकर बोले मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास टैलेंट है और ऐसे लोग हैं, जो कहीं नहीं है. भारत में जो एआई मॉडल्स बनेंगे, वो परफेक्ट होंगे. हम एआई के निगेटिव असर पर भी ध्यान दे रहे हैं और इसके गलत इस्तेमाल पर निश्चित ही कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा. वहीं दूसरी ओर हम ऐसे मौके भी देंगे कि AI का यूज कर लोग आगे बढ़ें. नौकरियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे जो नौकरियां प्रभावित होंगी, उससे कही ज्यादा नौकरियों की ओपनिंग होगी.
वियानाई सिस्टम के CEO ने क्या कहा?
AI Summit में शामिल हुए वियानाई सिस्टम्स के फाउंडर और सीईओ विशाल सिक्का ने भी एआई के असर पर बात की. उन्होंने इसके नौकरियों पर संकट के सवाल पर जबाव देते हुए कहा कि AI दोतरफा काम कर रहा है. जहां इसकी एंट्री से नौकरियां कम हो रही हैं, तो वहीं ये जॉब क्रिएशन में भी अहम रोल निभाता हुआ नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि इसका यूज करते समय सावधानी भी जरूरी है और इसका इस्तेमाल करना आना चाहिए. इसकी बात मानने के बजाय, अगर आप अपनी समझे से संबंधित काम से जुड़ी सभी चीजों को ध्यान में रखकर काम करेंगे, तो फिर ये टेक्नोलॉजी आपको सश्क्त भी बनाएगी.
AI को लेकर जागरुकता जरूरी
समिट में शामिल हुए Rubrik CEO विपुल सिन्हा ने भी इस बात का जिक्र किया कि किसी भी नई टेक्नोलॉजी के आने से रिस्क होता है, लेकिन ग्रोथ भी उससे जुड़ी होती है. उन्होंने कहा कि टेक इतिहास इसका गवाह है. उन्होंने अपनी कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब रूब्रिक डिजिटल मार्केट में उतरी तो लोग अनजान थे, लेकिन ये बढ़ी और नई जॉब्स भी क्रिएट हुईं.
भारत के एआई सेक्टर में बाजार के बजाय लीडर बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी कॉन्फिडेंस की है, अगर ये नहीं होगा, तो AI का सही यूज नहीं कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि लोगों को एआई को लेकर भरोसा दिलाना होगा, इसे लेकर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने का प्रयास करना होगा, भारत एआई लीडर बनकर उभर सकता है. विपुल सिन्हा के मुताबिक, पैसा कमाने के लिए भी जरूरी है, कुछ नया करें, अगर रिपीटीशन करते रहते हैं, तो फेल हो जाएंगे. ऐसे में AI के यूज के नए तरीके देखने होंगे, इनमें रिस्क है, लेकिन ग्रोथ भी है.