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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत, दाम कम करने के लिए क्या ईरान, वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा भारत?

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बेहताशा बढ़ रही हैं. भारत ने OPEC+ देशों से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा है और अब उसके दुनिया के सबसे अधिक तेल खपत करने वाले देशों के साथ मिलकर कूटनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ ईरान और वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात शुरू करने की अटकलें भी बलवती हैं. जानें क्या हो सकती है भारत की रणनीति...

कच्चे तेल का उत्पादन (सांकेतिक फोटो) कच्चे तेल का उत्पादन (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत की तेल खपत वाले देशों को साथ लाने की कोशिश
  • साथ आ सकते हैं चीन, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बेहताशा बढ़ रही हैं. भारत ने OPEC+ देशों से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा है और अब उसके दुनिया के सबसे अधिक तेल खपत करने वाले देशों के साथ मिलकर कूटनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ ईरान और वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात शुरू करने की अटकलें भी तेज हो रही है. जानें क्या है भारत की रणनीति...

OPEC+ देशों से आग्रह
तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC और उसके सहयोगी देशों को मिलाकर बनने वाले OPEC+ से भारत पहले ही कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर दाम नीचे लाने का अनुरोध कर चुका है. कोरोना संक्रमण के समय जब अधिकतर देश लॉकडाउन से गुजर रहे थे तब कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर करने के लिए कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की गई थी.

तेल खपत वाले देशों को साथ लाने की कोशिश
हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक दो अधिकारियों ने नाम ना जाहिर करने की शर्त पर बताया कि कच्चे तेल की आपूर्ति को सीमित रखकर इसके दाम आर्टिफिशियली ऊपर बनाए रखे गए हैं. ऐसे में तेल उत्पादक देशों पर दबाव बनाने के लिए भारत दुनिया के सबसे ज्यादा तेल खपत करने वाले देशों को साथ लाने की कोशिश कर सकता है. या वह ईरान ओर वेनेजुएला से तेल आयात भी शुरू कर सकता है ताकि OPEC+ देशों के दबदबे को तोड़ा जा सके.

साथ आ सकते हैं चीन, जापान, कोरिया
भारत इस मामले को अपने साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी वाले मंच ‘Quad’ समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीस्तर पर उठा सकता है. ताकि कच्चे तेल की आपूर्ति को सही किया जा सके. एक अधिकारी का मानना है कि इस मामले में भारत चीन को साथ ले सकता, साथ ही दक्षिण कोरिया के भी साथ आने की संभावना है. जाहिर सी बात है कि अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उपभोक्ता है.

अर्थव्यवस्था के फिर रफ्तार पकड़ने से बढ़ी मांग
लॉकडाउन के बाद देश में अर्थव्यवस्था फिर से रफ्तार पकड़ रही है. इससे पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी है जिसकी वजह से कीमतों में वृद्धि देखी गई है. जबकि OPEC+ ने कच्चे तेल की आपूर्ति को सीमित बनाए हुआ है. देश में 8 फरवरी के बाद मात्र 12 दिन में पेट्रोल की खुदरा कीमत 3.63 रुपये और डीजल की 3.84 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है.

OPEC+ के संकट में साथ खड़ा था भारत
लॉकडाउन के दौरान जब कच्चे तेल के दाम 20 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चले गए थे, तब दाम स्थिर रखने के लिए भारत ने अप्रैल 2020 में कच्चा तेल उत्पादन में कटौती के फैसले का समर्थन किया था. अब कच्चे तेल की कीमतें 200% तक बढ़ चुकी हैं और 17 फरवरी को यह 64.34 डॉलर पर रही.

ईरान, वेनेजुएला से आयात
अधिकारी ने कहा कि भारत ईरान और वेनेजुएला से सस्ता कच्चा तेल आयात फिर शुरू कर सकता है. 2019 से इन देशों से कच्चे तेल का आयात लगभग बंद है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के आर्थिक प्रतिबंधों के दबाव में इनसे आयात बंद किया गया था लेकिन अब अमेरिका में सत्ता परिवर्तन हो चुका है ऐसे में भारत अपने देशहित में फैसला करेगा और अमेरिका के भी भारत के ऊर्जा संकट से पार पाने मदद करने की उम्मीद है.

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