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IMF ने PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान की तारीफ की, बताया महत्वपूर्ण 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था. इस पैकेज को आत्मनिर्भर भारत अभियान का नाम दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इसकी तारीफ की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था आत्मनिर्भर भारत का ऐलान (फाइल फोटो: PIB) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था आत्मनिर्भर भारत का ऐलान (फाइल फोटो: PIB)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी ने किया था आत्मनिर्भर भारत का ऐलान
  • कोरोना संकट से इकोनॉमी को राहत देने का था प्रयास
  • अब इसकी आईएमएफ ने भी तारीफ की है

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की तारीफ की है. आईएमएफ ने कहा है कि इस पहल के तहत जो आर्थिक पैकेज दिया गया उसने भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है. यह पहल काफी महत्वपूर्ण है. 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आईएमएफ के डायरेक्टर गेरी राइस ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जिस आर्थिक पैकेज का कोरोना वायरस संकट के आने के बाद ऐलान कि किया गया, उसने भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी सहारा दिया है और गिरावट के जोखिम को कम किया है. इसलिए हमें लगता है कि यह पहल महत्वपूर्ण है.' 

क्या है आत्मनिर्भर भारत 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था. इस पैकेज को आत्मनिर्भर भारत अभियान का नाम दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इस बड़े राहत पैकेज से भारत में लोगों को कामकाज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और यह कोशिश की जाएगी कि अगले कुछ सालों में भारत अपनी जरूरत की अधिकतर चीजों के लिए आत्मनिर्भर हो जाए. 

क्या कहा आईएमएफ ने 

आईएमएफ के डायरेक्टर गेरी राइस ने कहा, 'आगे की बात करें तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. ऐसी नीतियां अपनानी होगी जिससे अर्थव्यवस्था की कार्यक्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ोतरी हो.' 

राइस ने कहा, 'भारत को यदि मेक फॉर वर्ल्ड के लक्ष्य को हासिल करना है तो प्राथमिकता ऐसी नी​तियों पर रखनी होगी जिनसे भारत ग्लोबल वैल्यू चेन में और एकीकृत हो सके, व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी के द्वारा.' ,

उन्होंने कहा कि भारत के नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ आईएमएफ का संयुक्त अध्ययन यह दिखाता है कि स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भारत को धीरे-धीरे स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना कुल खर्च बढ़ाना होगा. 

 

 

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