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IDBI Bank के प्राइवेटाइजेशन पर सरकार की फुर्ती, खबर से इतना चढ़ा शेयर भाव!

सरकार ने IDBI Bank के निजीकरण की दिशा में तेजी दिखाते हुए एक और कदम उठाया है. अब सरकार ने इस काम को अंजाम देने के लिए कई तरह के एडवाइजर की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए हैं. इस खबर के बाद बैंक का शेयर भाव भी चढ़ गया है.

आईडीबीआई बैंक (Photo : Getty) आईडीबीआई बैंक (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ’ट्रांजैक्शन, लीगल एडवाइजर्स की जरूरत’
  • ‘13 जुलाई तक जमा कर सकते बोलियां’
  • ‘सरकार बेचेगी बैंक में पूरी 45.48% की हिस्सेदारी’

सरकार ने IDBI Bank के निजीकरण की दिशा में तेजी दिखाते हुए एक और कदम उठाया है. अब सरकार ने इस काम को अंजाम देने के लिए कई तरह के एडवाइजर की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए हैं. इस खबर के बाद बैंक का शेयर भाव भी चढ़ गया है.

सरकार को चाहिए ट्रांजैक्शन और लीगल एडवाइजर
IDBI Bank के निजीकरण के लिए सरकार को ट्रांजैक्शन एडवाइजर और लीगल एडवाइजर की जरूरत है. सरकारी परिसंपत्तियों के विनिवेश का काम देखने वाले विभाग दीपम (निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग) ने इसके लिए मंगलवार को प्रस्ताव मसौदा भी जारी कर दिया.

क्या काम करेगा ट्रांसजैक्शन एडवाइजर
ट्रांजैक्शन एडवाइजर के लिए कोई भी कंसल्टिंग फर्म, निवेश या मर्चेंट बैंकर और वित्तीय संस्थान या बैंक आवेदन कर सकते हैं. इसका काम सरकार के इस प्रस्तावित विनिवेश के हर पहलू पर काम करना होगा जिसमें विनिवेश और उसकी टाइमिंग को लेकर सरकार को परामर्श देना और प्रक्रिया तय करना शामिल है. संभावित निवेशकों के लिए रोडशो करना और सरकार का बैंक के विनिवेश का उपयुक्त मूल्य मिले उसके लिए सुझाव देना इत्यादि.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ये एडवाइजर चुने हुए निवेशकों के साथ बातचीत में मदद करेंगे, बैंक का मूल्यांकन और उचित रिजर्व प्राइस तय करेंगे और IDBI Bank को ई-डेटा रूम बनाने में मदद करेंगे ताकि निवेशकों को बैंक से जुड़ी पूरी जानकारी मिल सके.

इसके अलावा सरकार ने लीगल एडवाइजर की नियुक्ति के लिए भी आवेदन मांगे हैं. ये एडवाइजर सरकार को IDBI Bank के निजीकरण से जुड़े कानूनी एवं नियामकीय पहलुओं पर सलाह देने का काम करेगा.

13 जुलाई तक आवेदन
DIPAM ने स्पष्ट किया है कि ट्रांजैक्शन और लीगल एडवाइजर के लिए 13 जुलाई तक ही आवेदन किया जा सकता है. इसके लिए एडवाइजर्स अपनी बोलियां इसी तारीख तक जमा करा सकते हैं. 

IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी
सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक में सरकार की 45.48% हिस्सेदारी है. जबकि 49.24% हिस्सेदारी LIC की है. बाकी 5.29% की हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयरधारकों की है.  IDBI Bank के निजीकरण की बोलियों में सरकारी बैंक हिस्सेदार नहीं बन सकते हैं.  सरकार के साथ-साथ LIC भी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है.

6% चढ़ा शेयर भाव
IDBI Bank के निजीकरण को लेकर सरकार की इस फुर्ती का बाजार ने स्वागत किया. बैंक का शेयर भाव 6% तक चढ़ गया. बीएसई पर IDBI Bank का शेयर 5.96% की बढ़त के साथ 40.90 रुपये पर कारोबार कर रहा है. बीते दिन ये 38.60 रुपये पर बंद हुआ था. 

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