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GST Collection: बढ़ने लगी मोदी सरकार की कमाई, GST इतिहास में दूसरी बार सबसे ज्यादा कलेक्शन

त्योहारी सीजन के बीच मोदी सरकार के लिए जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. देश में GST लागू होने के बाद अक्टूबर-2021 में दूसरी बार सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ है.

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इकोनॉमी में सुधार के बीच जीएसटी कलेक्शन में इजाफा इकोनॉमी में सुधार के बीच जीएसटी कलेक्शन में इजाफा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सालाना आधार पर अक्टूबर में GST कलेक्शन 24% बढ़ा
  • अक्टूबर-2021 में जीएसटी कलेक्शन 1,30,127 करोड़ रुपये

त्योहारी सीजन के बीच मोदी सरकार के लिए जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. देश में GST लागू होने के बाद अक्टूबर-2021 में दूसरी बार सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ है. इससे पहले अप्रैल-2021 में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 1.41 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्शन हुआ था.
 
दरअसल, अक्टूबर-2021 में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection October) 1,30,127 करोड़ रुपये रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद से ये दूसरा सबसे अधिक कलेक्शन का आंकड़ा है. सालाना आधार पर अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 24 फीसदी बढ़ा है. जबकि वित्त-वर्ष 2019-20 के अक्टूबर की तुलना में टैक्स कलेक्शन में 36 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं पिछले महीने यानी सितंबर-2021 में जीएसटी कलेक्शन 1.17 लाख करोड़ रुपये रहा था.

इकोनॉमी में सुधार के संकेत

दरअसल, चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में देश कोविड-19 की दूसरी भयानक लहर का सामना कर रहा था. इससे देश की इकोनॉमी पर भी असर पड़ा था, लेकिन अब इकोनॉमी में तेज सुधार के संकेत मिल रहे हैं. अक्टूबर लगातार चौथा महीना है, जब जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. 

अक्टूबर-2021 में जीएसटी कलेक्शन 1,30,127 करोड़ रुपये रहा. जबकि सितंबर में 1.17 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त हुआ था. वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के हिसाब अगस्त में सरकार का जीएसटी संग्रह 1.12 लाख करोड़ रुपये था. जबकि जुलाई 2021 में ये 1.16 लाख करोड़ रुपये था. इससे पहले जून में ये 92,849 करोड़ रुपये ही रहा था. हालांकि अप्रैल और मई में भी ये 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक था.

वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी से आर्थिक गतिविधियां पटरी पर 

कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी से इकोनॉमी में सुधार हो रहा है. साथ ही वे सेक्टर्स ओपन हो रहे हैं, जो कोरोना के कारण पिछले कुछ महीनों से बाधित थे. साथ ही सरकार ने इकोनॉमी में सुधार के लिए पिछले महीनों कई बड़े फैसले लिए हैं. जिससे आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौट रही हैं. 

PMI में भी सुधार

इसके अलावा मंथली आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में अक्टूबर में लगातार चौथे महीने विस्तार देखा गया, जो फरवरी के बाद से परिचालन स्थितियों में सबसे मजबूत सुधार की ओर इशारा करता है. फरवरी के बाद यह लगातार चौथा महीना है जब इन आंकड़ों में तेजी देखी जा रही है. 

PMI के 1 नवंबर को जारी सर्वे के मुताबिक देश की मैन्युफैक्चरिंग PMI अक्टूबर महीने में 55.9 पर रही है. वहीं सितंबर में ये 53.7 और अगस्त में 52.3 पर रही थी. PMI मानक पर नजर डालें तो 50 के ऊपर के मीन का मतलब होता है कि इकनॉमी में विस्तार हो रहा है. जबकि 50 के नीचे आंकड़े इकोनॉमी में गिरावट का संकेत देता है.

 

 

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