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GST Council Meeting: नए साल पर क्या तोहफे देगी सरकार? कल है GST काउंसिल की अहम बैठक

GST Council Meeting: बैठक में एक हजार से नीचे के रेडीमेड कपड़े और जूते पर टैक्स बढ़ाने का फैसला वापस लिया जा सकता है. इसके अलावा उद्योग जगत और व्यापार संगठनों को स्लैब की संख्या चार से घटाकर तीन किए जाने की उम्मीद है.

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आम लोगों को मिल सकती है राहत (PTI Photo) आम लोगों को मिल सकती है राहत (PTI Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साल के अंतिम दिन GST Council की अहम बैठक
  • वापस हो सकता है टैक्स बढ़ाने का फैसला
  • GST Slab घटाकर तीन करने की उम्मीदें

नए साल की पूर्व संध्या पर जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अहम बैठक होने जा रही है. पहले यह बैठक जनवरी में होने वाली थी. इस बैठक में एक हजार से नीचे के रेडीमेड कपड़े और जूते पर टैक्स बढ़ाने का फैसला वापस लिया जा सकता है. इसके अलावा उद्योग जगत और व्यापार संगठनों को स्लैब की संख्या चार से घटाकर तीन किए जाने की उम्मीद है.

विपक्षी दल भी कर रहे बढ़े टैक्स को वापस लेने की मांग

विपक्षी दल भी सरकार से मांग कर रहे हैं कि जीएसटी दरें (GST Rate) बढ़ाने के पिछली बैठक के फैसले को अभी टाला जाना चाहिए. पश्चिम बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कपड़े और जूतों पर टैक्स 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के फैसले को वापस लेने की अपील की है. तेलंगाना के उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने भी इस फैसले पर सरकार से विचार करने की मांग की है.

हड़ताल पर हैं दिल्ली के कपड़ा व्यवसायी

ट्रेडर्स यूनियन कैट और दिल्ली व्यापार संघ ने समय से पहले बैठक बुलाए जाने पर खुशी जाहिर की. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कपड़ों और जूतों पर टैक्स बढ़ाने से कारोबारियों में काफी नाराजगी है. उन्होंने कहा कि कैट को इस बैठक में बढ़ाए गए टैक्स को वापस लेने की उम्मीद है. दिल्ली व्यापार संघ के देवराज बाजवा ने बताया कि आज 30 दिसंबर को दिल्ली के टेक्सटाइल व्यवसायी हड़ताल पर हैं. देश के अन्य शहरों में भी व्यापारी विरोध कर रहे हैं. इस कारण यह बैठक अहम हो जाती है और कर बढ़ाने के फैसले को वापस लिए जाने की उम्मीद बढ़ जाती है. अगर ऐसा होता है तो यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत होगी.

चार से घटाकर तीन किए जा सकते हैं जीएसटी स्लैब

इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों को इस बैठक में जीएसटी के स्लैब (GST Slab) और दरों को तार्किक बनाए जाने की भी उम्मीद है. Market Maestroo Pvt Ltd के डायरेक्टर Wealth Manager (USA) अंकित यादव जीएसटी काउंसिल से उम्मीद कर रहे हैं कि अभी के चार स्लैब को घटाकर तीन स्लैब करने का फैसला किया जा सकता है. यह जीएसटी को सिंपल बनाने में मददगार होगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी रेवेन्यू (GST Revenue) को बढ़ाने के लिए टैक्स रेट ऊपर करने का विचार हो सकता है, लेकिन अभी के इकोनॉमिक हालात के हिसाब से यह ठीक नहीं होगा. देवराज बाजवा भी स्लैब घटाने के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि टैक्स सिस्टम को सिंपल बनाने के लिए जीएसटी लाया गया, लेकिन इससे चीजें और जटिल हुई हैं. अब इसे सिंपल करने का प्रयास होना चाहिए.

क्रिप्टो सेक्टर को कैटेगराइजेशन स्पष्ट करने की उम्मीद

क्रिप्टो सेक्टर की कंपनी Unocoin के Co-Founder and CEO सात्विक विश्वनाथ कहते हैं कि जीएसटी सिस्टम में क्रिप्टो एसेट्स की कैटेगराइजेशन स्पष्ट नहीं है. क्रिप्टो कंपनियां और इसमें पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर इसे अपने-अपने तरीके से ट्रीट कर रहे हैं. क्रिप्टो तेजी से उभर रहा सेक्टर है. इस सेक्टर के बारे में जीएसटी को लेकर नीति निर्माताओं का क्या नजरिया है, यह भ्रम की स्थिति दूर करने में मददगार होगा.

व्यापारियों को मिला रिटर्न भरने के लिए दो महीने का समय

इस बीच वित्त मंत्रालय ने व्यापारियों को राहत देते हुए जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन दो महीने के लिए बढ़ा दी है. जीएसटीआर9 और जीएसटीआर 9सी दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर 2021 को समाप्त हो रही थी. अब इसे 28 फरवरी 2022 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. खुदरा कारोबारियों के संगठन कैट ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

 

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