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सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से आगे बढ़ेगी कंट्री, चीन-पाकिस्तान के निवेश को ‘नो एंट्री’

सरकार अपने रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रम पर तेजी से आगे बढ़ रही है. लेकिन इस विनिवेश में चीन और पाकिस्तान की एंट्री को रोकने के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं.

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एयर इंडिया (Photo:File) एयर इंडिया (Photo:File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दीपम ने बनाए QIP से जुड़े नियम
  • सभी को लेनी होगी सुरक्षा मंजूरी

सरकार अपने रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रम पर तेजी से आगे बढ़ रही है. लेकिन इस विनिवेश में चीन और पाकिस्तान की एंट्री को रोकने के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. 

दीपम ने बनाए नियम
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड जैसी कंपनियों के विनिवेश कार्यक्रम के लिए पात्र संस्थागत पार्टी (QIP) से जुड़े नियम तैयार किए हैं. इसके तहत इन कंपनियों के वित्तीय बोलियां लगाने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी को एक विशेष उपक्रम (SPV) बनाना होगा.

सिर्फ कंपनियों के लिए नहीं नियम
दीपम ने QIP से जुड़े नियम सिर्फ निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए नहीं बनाए है. उनके अलावा विनिवेश की जा रही किसी सरकारी कंपनी में यदि किसी की व्यक्तिगत, सीमित साझेदारी के तौर पर, कोष के तौर पर भी भागीदारी है तो उन्हें SPV का हिस्सा होना होगा.

चीन-पाकिस्तान की नो एंट्री
इन कंपनियों के विनिवेश कार्यक्रम को ऐसे तैयार किया गया है कि चीन और पाकिस्तान से जुड़ी कंपनियों और निवेशकों को इसमें भाग लेने का मौका ना मिले. जानने वाली बात है कि यह सरकार के अब तक के सबसे बड़े विनिवेश कार्यक्रमों में से एक है.

सुरक्षा मंजूरी जरूरी
दीपम ने 15 फरवरी को सार्वजनिक क्षेत्र की किसी कंपनी की नीलामी में भाग लेने वाली कंपनी के लिए सुरक्षा संबंधी मंजूरी से जुड़े नियम विस्तार में बताए हैं. नए नियम के हिसाब से QIP को बताना होगा कि वह जो SPV बनाने जा रहा है उसका अधिकार क्षेत्र क्या है, उसके निदेशक कौन-कौन हैं इत्यादि की जानकारी देनी होगी. इतना ही नहीं उसे खुद से एफिडेविट देना होगा कि उसके परिचालन में चीन या पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं है.

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