सोने और चांदी के भाव में बुधवार को बड़ी गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी के भाव कई दिनों के उछाल के बाद गिरे हैं. रिकॉर्ड हाई टच करने के बाद चांदी में बड़ी गिरावट आई है. ऐसे में यह सवाल खड़ा हो चुका है कि क्या सोने और चांदी में आगे भी गिरावट जारी रहेगी?
मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर बुधवार को शाम 7.25 बजे चांदी की कीमत 9696 रुपये या 3.74 फीसदी गिरकर 2,49,115 रुपये प्रति किलो थी, जबकि सुबह के कारोबार के दौरान चांदी ने रिकॉर्ड हाई लगाया था और यह 2,59,692 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई थी.
इसी तरह, सोने के दाम में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. बुधवार को गोल्ड प्राइस 1332 रुपये गिरकर 1,37,751 रुपये प्रति 10 ग्राम था. सोने का रिकॉर्ड हाई लेवल 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 5 फरवरी वायदा के लिए सोने की कीमत में आज करीब 1 फीसदी की गिरावट आई है.
क्यों आई सोने-चांदी के दाम में गिरावट?
चांदी के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद इसमें आई गिरावट को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशक बड़े स्तर पर मुनाफावसूली कर रहे हैं. क्योंकि निवेशकों को डर है कि इस लेवल पर पहुंचने के बाद ज्यादा नुकसान ना हो जाए. सोने को लेकर भी मुनाफावसूली हुई है. निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली का कारण यह भी है कि चांदी ने एक साल में 150 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है और गोल्ड 75 फीसदी तक चढ़ा है.
क्या और भी सस्ते होंगे गोल्ड-सिल्वर?
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी के दाम अपने रिकॉर्ड हाई लेवल के करीब हैं. ऐसे में शॉर्ट टर्म इनमें मुनाफावसूली के कारण गिरावट आ सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म में बेहतर डिमांड के कारण स्थिति मजबूत बनी हुई है. उच्च स्तर पर मेटल रेट बने रहने के कारण एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
कई बैंक और एक्सपर्ट्स 2026 में सोने और चांदी के भाव को उच्च स्तर पर बनाए रखने, अगर नए हाई लेवल नहीं तो मजबूत सपोर्ट के साथ स्थिर रहने की उम्मीद जता रहे हैं और कुछ का मानना है कि यह प्राइस और ऊपर भी जा सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स ने सोने-चांदी के दाम में गिरावट पर खरीदारी की सलाह भी दी है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
सोने और चांदी की कीमत इतनी ऊपर जा चुकी है कि आम लोगों के लिए एकसाथ लाखों रुपये की खरीदारी कर पाना शायद मुश्किल होगा. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर में डिजिटली निवेश किया जा सकता है. यह निवेश गोल्ड ईटीएफ, सिल्वर ईटीएफ या गोल्ड सिल्वर फंड में किया जा सकता है. इसमें आप चाहें तो मंथली या वीकली निवेश की शुरुआत कर सकते हैं, ताकि आपको तेजी के समय प्रॉफिट हो सके और अगर गिरावट हो तो भी ज्यादा नुकसान ना झेलना पड़े.
(नोट- किसी भी मेटल या मेटल संबंधित असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)