
Ford India ने भारत में अपना कारोबार समेटने की घोषणा की है. कंपनी चरणबद्ध तरीके से अपने तमिलनाडु और गुजरात के प्लांट बंद करने जा रही है. इससे इन फैक्ट्री में काम करने वाले 3,000 से अधिक लोगों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है.
इसी को लेकर Ford India कंपनी के बेरोजगार हुए 1,600 से अधिक कर्मचारी गुजरात की सड़कों पर रोज़गार की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए उतरे. उनका साथ देने के लिए वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी पहुंच गए.
जिग्नेश मेवानी का आंदोलन छेड़ने का ऐलान
Ford के बेरोज़गार हुए कर्मचारियों की मांग का समर्थन करते हुए जिग्नेश मेवानी ने कहा कि सरकार या कंपनी इन लोगों को रोज़गार दे. नहीं तो वो इन बेरोज़गारों के लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे. Ford India के कर्मचारी कंपनी के गुजरात के साणंद प्लांट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन में जिग्नेश मेवानी भी शामिल हुए. मौके पर पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत भी की और उनके संघर्ष में उनके साथ होने की बात कही.

Ford की फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन
प्रदर्शन करने वालों में शामिल फोर्ड के एक कर्मचारी अनिल सिंह जाला ने कहा कि वो पिछले सात साल से फैक्ट्री में काम कर रहे हैं. कंपनी के अचानक प्लांट बंद करने की घोषणा के बाद अब उनके साथ-साथ यहां काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है. वहीं एक अन्य कर्मचारी जयसुख कंडोलिया ने कहा कि कंपनी के अचानक प्लांट बंद करने से उन जैसे हजारों लोग संकट में हैं.

भारी घाटे में Ford India
गौरतलब है कि Ford India भारत में अपने कारोबार में भारी घाटे का सामना कर रही है. इसलिए कंपनी ने अपने चेन्नई और साणंद प्लांट को बंद करने की घोषणा की है. हालांकि कंपनी का कहना है कि वो भारत में अपने कस्टमर्स को सर्विस देती रहेगी और कुछ प्रीमियम गाड़ियों को आयात कर उनकी बिक्री भी करती रहेगी.
कंपनी ने साणंद की अपनी इंजन फैक्ट्री को भी चालू रखने की बात कही है. Ford ने करीब 25 साल पहले भारत में अपना कारोबार शुरू किया था, लेकिन नए मॉडल नहीं ला पाने और भारत की जरूरत के हिसाब से उत्पाद नहीं पेश कर पाने की वजह से कंपनी का कारोबार घाटे में चल रहा है.
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