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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार, PF को लेकर केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत

इस योजना के तहत सरकार 1000 कर्मचारियों की स्ट्रेंथ वाली कंपनियों में पीएफ का नियोक्ता और एम्प्लॉई दोनों का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी. 1000 से अधिक एम्प्लॉई वाली कंपनियों में पीएफ के लिए एम्प्लॉई का हिस्सा 12% सरकार वहन करेगी. 

Finance minister Nirmala sitharaman Finance minister Nirmala sitharaman
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विस्तार 31 मार्च 2022 तक कर दिया गया है
  • पहले योजना 30 जून 2021 तक के लिए थी

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक राहतों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार 31 मार्च 2022 तक कर दिया गया है.

इस योजना के तहत सरकार 1000 कर्मचारियों की स्ट्रेंथ वाली कंपनियों में पीएफ का नियोक्ता और एम्प्लॉई दोनों का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी. 1000 से अधिक एम्प्लॉई वाली कंपनियों में पीएफ के लिए एम्प्लॉई का हिस्सा 12% सरकार वहन करेगी. 

बता दें कि इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लागू किया गया था जो 30 जून 2021 तक के लिए था. अब इसकी अवधि बढ़ा दी गई है. इस योजना के तहत अगर ईपीएफओ-रजिस्टर्ड प्रतिष्ठान ऐसे नए कर्मचारियों को लेते हैं जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे या जो नौकरी खो चुके हैं, तो यह योजना उनके कर्मचारियों को लाभ देगी. 

योजना की खास बातें 

इस योजना के तहत लाभार्थी नए कर्मचारी होंगे.
15,000 रुपये से कम मासिक वेतन पर ईपीएफओ-पंजीकृत प्रतिष्ठान में रोजगार पाने वाला कोई भी नया कर्मचारी.
15,000 रुपये से कम का मासिक वेतन पाने वाले ईपीएफ सदस्य जिन्होंने 01.03.2020 से 30.09.2020 तक कोविड महामारी के दौरान रोजगार गंवाया और 01.10.2020 से या उसके बाद कार्यरत है.

क्या होगा पैमाना 

केंद्र सरकार निम्नलिखित पैमाने पर 01.10.2020 या उसके बाद लगे नए पात्र कर्मचारियों के संबंध में दो साल के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी: 

1000 कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान, कर्मचारी का योगदान (वेतन का 12%) और नियोक्ता का योगदान (वेतन का 12%) कुल वेतन का 24% 1000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठान, केवल कर्मचारी के ईपीएफ का अंशदान (वेतन का 12%)

कोविड के लिए 1.1 लाख करोड़ का पैकेज
वित्त मंत्री ने कोविड से प्रभावित सेक्टरों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना की घोषणा की है. इस योजना के तहत स्वास्थ्य सेक्टर के लिए 50,000 करोड़ रुपये रखे गए. जबकि दूसरे सेक्टर्स के लिए 60,000 करोड़ रुपये की लोन गारंटी की घोषणा की गई है.   

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