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चार महिला पायलटों ने भरी एयर इंडिया की सबसे लंबी उड़ान, जानें कैसी थी यात्रा

एयर इंडिया की 4 महिला कैप्टन ने रविवार को सैन फ्रांसिस्को से 16,000 किलोमीटर दूर स्थित बेंगलुरू के लिए उड़ान भरी. उनकी इस उड़ान ने इतिहास की किताबों में एक और पन्ना जोड़ा, जानें क्या रहीं इस उड़ान की खास बात..

महिला पायलट उत्तरी धुव होकर पहुंची सैन-फ्रांसिस्को से बेंगलुरू महिला पायलट उत्तरी धुव होकर पहुंची सैन-फ्रांसिस्को से बेंगलुरू
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 4 महिला कैप्टन रहीं क्रू का हिस्सा
  • 16,000 किमी की यात्रा पूरी की

आज के जमाने में महिलाएं अंतरिक्ष तक जा पहुंची, ये बात हमें अपने आस-पास अक्सर सुनने को मिल जाती हैं. लेकिन आज हम जिस मिशन की बात आपसे करने वाले हैं, उसमें 4 महिला पायलटों के क्रू ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है. एयर इंडिया की सिर्फ महिलाओं की इस क्रू टीम ने उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरते हुए सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू की उड़ान को सफलतापूर्वक पूरा किया. खुद विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनके जज्बे को सलाम किया है.

कितनी लंबी रही यात्रा
सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू की दूरी करीब 16,000 किलोमीटर है. आम तौर इस वायु मार्ग पर एयरलाइंस कंपनियां यूरोप या जापान होते हुए सैन-फ्रांसिस्को से भारत पहुंचती हैं. लेकिन इन 4 महिला पायलटों ने ना सिर्फ उत्तरी ध्रुव के रास्ते अटलांटिक वायु मार्ग से बल्कि सिर्फ महिला क्रू-मेंबर्स के साथ उड़ान भरकर नया कीर्तिमान स्थापित किया. इन महिला पायलटों ने रविवार 10 जनवरी को सैन फ्रांसिस्को से ये उड़ान भरी और सफलतापूर्वक एयर इंडिया की सबसे लंबी उड़ान लेकर बेंगलुरू पहुंचीं.

कौन-कौन था क्रू में
एयर इंडिया की इस पहली सैन फ्रांसिस्को-बेंगलुरू की सीधी उड़ान की कमान कैप्टन जोया अग्रवाल के हाथ रही. उन्होंने कहा, ‘‘ आज हमने ना सिर्फ उत्तरी ध्रुव के ऊपर से बल्कि सभी महिला पायलटों के साथ उड़ान भरकर विश्व इतिहास रचा है. इस मार्ग से यात्रा करने के चलते हमने 10 टन ईंधन की बचत की.’’
जोया के अलावा क्रू में  कैप्टन पापागरी थान्मेई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी मन्हास रहीं.  कैप्टन शिवानी ने कहा, ‘‘अभूतपूर्व अनुभूति है. इस यात्रा में करीब 17 घंटे का समय लगा.’’

कौन-विमान बना गवाह
इस ऐतिहासिक यात्रा का गवाह एयर इंडिया का 12 साल पुराना ‘बोइंग 777-200एलआर’ विमान बना. पंजीकरण संख्या वीटी-एएलजी वाले इस विमान के अगले हिस्से पर ‘केरला’ नाम लिखा है, साथ ही महात्मा गांधी चित्र भी उकेरा गया है. उड़ान संख्या एआई176 ने 37,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर 557 नॉट यानी 1,032 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरकर यह दूरी लगभग 17 घंटे में पूरी की. इस विमान में 238 लोगों के बैठने की क्षमता है.

क्या कहा मंत्री ने
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एयर इंडिया पायलटों के इस कारनामे की सराहना की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय नागर विमानन क्षेत्र की चार महिला पेशेवरों ने इतिहास रच दिया. कैप्टन जोया अग्रवाल, कैप्टन पापागरी थान्मेई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी को उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरकर सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू पहुंचने की हृदय से बधाई.

15 जनवरी से हैदराबाद-शिकागो की सीधी उड़ान
सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया दुनियाभर के कई देशों के लिए सीधी उड़ान सेवा देती है. कंपनी ने कहा कि 15 जनवरी से वह अपनी हैदराबाद-शिकागो की सीधी उड़ान भी शुरू करने जा रही है.

 

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