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Adani Group को मिली ये दो कोल माइन्स, मिलेगा कुल 35 करोड़ टन कोयला भंडार!

सरकार ने बीते साल कोयला खदानों को कमर्शियल यूज के लिए प्राइवेट कंपनियों को देने की पॉलिसी लाई थी. हाल में इसी नीति के तहत सरकार ने तीन कोयला खानों की नीलामी की जिसमें से दो को हासिल करने में  Adani Group सफल रहा है.

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गौतम अडानी (Photo : Getty) गौतम अडानी (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार ने हाल में की कुल 3 खानों की नीलामी
  • अभी 5 खान की नीलामी और होना बाकी है
  • सरकार लाई कोयला खानों के कमर्शियल यूज की नीति

उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले Adani Group को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में दो कोल ब्लॉक मिले हैं. कोयला खानों के कमर्शियल यूज के लिए हाल में हुई कुल 3 खानों की नीलामी में से ग्रुप ने दो हासिल करने में सफलता पाई है.

Adani Power Maharashtra को मिली ये खान

सरकार ने तीन कोयला खानों के कमर्शियल यूज की नीलामी के लिए बोलियां मंगाई थी. सोमवार को हुई इस नीलामी में महाराष्ट्र की गोंडकरी कोल माइन्स के लिए Adani Power Maharashtra सबसे बड़ी बिडर बनकर उभरी. ईटी की खबर के मुताबिक कंपनी ने इस कोल माइन के लिए बोली की आधार कीमत से 9.5% प्रीमियम पर बिड लगाई.

महाराष्ट्र की इस खान को हासिल करने के लिए Sunflag Iron & Steel भी मैदान में थी. लेकिन Adani Group की कंपनी की बिडिंग सफल रही. इस कोल ब्लॉक में 9.8 करोड़ टन कोयला भंडार होने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ की झीगाडोर खान भी Adani Group की

इसी बिडिंग प्रोसेस में Adani Group की कंपनी छत्तीसगढ़ नेचुरल रिसोर्सेस लिमिटेड (CG Naturals Resources Ltd.) छत्तीसगढ़ में झीगाडोर कोयला खान हासिल करने में सफल रही है. इस कोयला खान में अभी बहुत कम काम हुआ है और इसका कुल भंडार 25 करोड़ टन होने का अनुमान है.

इसके अलावा नीलामी के लिए झारखंड की जोगेश्वर और खास जोगेश्वर कोयला खान भी रखी गई थीं. इनका कुल कोयला भंडार 8.4 करोड़ टन होने का अनुमान है. इन खानों के लिए धनसर इंजीनियरिंग कंपनी और हिलटॉप हाइराइज प्राइवेट लिमिटेड दौड़ में शामिल हैं. 

5 और की होनी है नीलामी

कमर्शियल यूज वाली कोयला खानों की नीलामी का ये दूसरा चरण चल रहा है. ये 25 मार्च से शुरू हुआ है. सोमवार को तीन कोयला खानों की नीलामी की गई, जबकि मंगलवार और बुधवार को 5 और कोयला खानों की नीलामी की जानी है. पहले चरण में सरकार ने 19 खानों को कमर्शियल यूज की बिडिंग के लिए रखा था. इन खानों के हर साल 5.1 करोड़ टन के सर्वोच्च उत्पादन से सरकार को 7,000 करोड़ राजस्व मिलने का अनुमान है.

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