अक्सर नए निवेशक शेयर कीमत के हिसाब से शेयर के सस्ते और महंगे होने का आंकलन करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. शेयर बाजार में किसी शेयर के सस्ते और महंगे होने का संकेतक प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेशियो होता है. यह आपको बताता है कि कंपनी द्वारा कमाए गए हर रुपये के मुनाफे के लिए आप कितना भुगतान कर रहे हैं.
कम PE अनुपात अक्सर कम मूल्य वाले स्टॉक का संकेत देता है, जो संभावित रूप से बेहतर कीमत देता है. हालांकि, बहुत कम PE व्यावसायिक चुनौतियों या घटती विकास संभावनाओं का भी संकेत दे सकता है. समझदार निवेशक अक्सर पीई के हिसाब से ही तय करते हैं कि कौन सा शेयर ज्यादा सस्ता या महंगा है. यहां हम आपको 5 ऐसे ही शेयरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो PE के हिसाब से सस्ते हैं.
अशोका बिल्डकॉन: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी भारत में सड़कों, राजमार्गों और बीओटी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. इसका पीई रेशियो 1.6 है, हालांकि राजस्व में एक वर्ष में 21% की गिरावट आई है और नेट प्रॉफिट में 88 फीसदी की उछाल है. 17 फरवरी को यह शेयर 1.28 फीसदी चढ़कर 150.35 रुपये पर बंद हुआ.
REC: पॉवर सेक्टर की इस सरकारी कंपनी देशभर में विद्युत सेक्टर की परियोजनाओं को फंडिंग देने का काम करती है. कंपनी का पीई अनुपात 5.4 है, जबकि राजस्व में 12% और शुद्ध लाभ में 11% की वृद्धि दर्ज की गई है.
17 फरवरी, 2026 को शेयर 1.29% बढ़कर 358.05 रुपये पर बंद हुआ.
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन: एनर्जी सेक्टर को लोन देने वाली कंपनी का शेयर 17 फरवरी को 1.34% चढ़कर 417.30 रुपये पर बंद हुए. कंपनी का पीई अनुपात 5.4 है, जबकि राजस्व में 14% और शुद्ध लाभ में 13% की वृद्धि दर्ज की गई है.
रेपको होम फाइनेंस: कीफायती घरों की खरीद पर मुख्य रूप से दक्षिण भारत में यह कंपनी लोन देती है. कंपनी का पीई अनुपात 5.7 है, जबकि राजस्व में 5% और शुद्ध लाभ में 1% की वृद्धि हुई है. 17 फरवरी को यह शेयर मामूली तेजी के साथ 407 रुपये पर थे.