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बिज़नेस न्यूज़

अगस्त का शानदार आगाज, मोदी सरकार के लिए एक के बाद एक 5 गुड न्यूज

अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत
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अगस्त की शुरुआत हो चुका है और यह महीना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt) के लिए 5 गुड न्यूज लेकर आया है. जो दुनिया में मंदी के बढ़ते खतरे के बीच भारतीय इकोनॉमी ( Indian Economy) के दमदार होने की गवाही दे रही हैं. इनमें 5G स्पेक्ट्रम नीलामी से लेकर जीएसटी (GST Collection) कलेक्शन तक शामिल हैं. 

5G Spectrum नीलामी में रिकॉर्ड
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देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी (5G Spectrum Auction) सोमवार को समाप्त हो हो गई. इसके जरिए सरकार ने 1.5 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड रकम जुटाई है. 26 जुलाई से यह नीलामी शुरू हुई थी. 5जी की इस रेस में सबसे आगे 88,078 करोड़ रुपये खर्च करके मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम (Reliance Jio) रही. दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने 43,084 करोड़ रुपये, जबकि तीसरे पायदान पर 18,799 करोड़ रुपये खर्च करके वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) रही. 

ITR फाइलिंग में जोरदार तेजी
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सरकार के लिए दूसरी गुड न्यूज की बात करें, तो वो इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) से संबंधित है. बीते साल ITR भरने की तारीख को कई बार बढ़ाया गया था और 31 दिसंबर तक का मौका करदाताओं को दिया गया था. इस तारीख तक कुल 5.89 करोड़ रिटर्न भरे गए थे. लेकिन, इस बार बिना लास्ट डेट बढ़ाए 31 जुलाई तक कुल 5.83 करोड़ ITR भरे गए. खास बात यह रही कि रिटर्न भरने की अंतिम तिथि पर एक ही दिन में 72.4 लाख आयकर रिटर्न दाखिल हुए. 
 

GST के मोर्चे पर भी सफलता
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वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन के जुलाई महीने के आंकड़े सोमवार को जारी किए गए. जुलाई में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection in July 2022) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 28 फीसदी बढ़ा है. बीते माह GST कलेक्शन से सरकार खजाने में 1,48,995 करोड़ रुपये आए हैं.  जुलाई 2021 में जीएसटी कलेक्शन 1,16,393 करोड़ रुपये रहा था. वहीं, जून 2022 में GST का कलेक्शन 1,44,616 करोड़ रुपये रहा था. 

पीएमआई 8 माह के उच्च स्तर पर
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अब बात करते हैं चौथी गुड न्यूज के बारे में भारत में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की गतिविधियां (Manufacturing Activities) जुलाई में 8 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. अगस्त के पहले दिन जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार, कारोबारी आर्डर में आई तेजी का असर पीएमआई पर पड़ा है. विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) जून में 53.9 से बढ़कर जुलाई में 56.4 हो गया. इस सूचकांक का 50 से ऊपर रहना संबंधित क्षेत्र में विस्तार को दर्शाता है. जबकि 50 से नीचे सुस्ती का संकेत देता है.  

रुपये में सुधार, बाजार में तेजी
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पांचवी गुड न्यूज सरकार को बेहद राहत देने वाली है. दरअसल, बीते कुछ समय से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार टूटने Indian Currency रुपये की गिरावट पर ब्रेक लग गया है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को रुपया जोरदार 23 पैसे की तेजी के साथ  79.03 पर बंद हुआ था. इसके साथ ही बीते तीन हफ्तों से भारतीय शेयर बाजारों में तेजी भी देश की इकोनॉमी (Economy) के लिए अच्छी खबर है.