केंद्र सरकार का बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट 1 फरवरी रविवार को संसद में पेश किया जाएगा. बजट से पहले संसद का सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, जबकि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण लोकसभा में पेश किया जाएगा. आर्थिक सर्वेक्षण में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर और आने वाली चुनौतियों का खाका सामने रखा जाएगा.
यह बजट मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा. इससे पहले वर्ष 2025 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया गया था. सरकार के लिए यह बजट इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ-साथ आम लोगों को राहत देने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं.
1 फरवरी को संसद में पेश होगा बजट
गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी देश में रविवार को बजट पेश किया जा चुका है. वर्ष 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 28 फरवरी रविवार के दिन बजट पेश किया था. यह उदाहरण अब एक बार फिर दोहराया जा रहा है.
भारत में लंबे समय तक केंद्रीय बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता रहा. साल 2017 में मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदलते हुए बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी. सरकार का तर्क था कि इससे नई योजनाओं को जल्दी लागू करने में मदद मिलेगी और वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले विभागों को तैयारी का पूरा समय मिलेगा.
मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट
इस बार के बजट से यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार आर्थिक गति को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगी. साथ ही मध्यम वर्ग को भी राहत मिल सकती है, जो लगातार ऊंचे कर, बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्च के दबाव से जूझ रहा है.