scorecardresearch
 

Budget 2019: रोजगार का मुद्दा गायब, स्टार्ट-अप पर जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर दिया है. इस बजट में उन्होंने गरीबों से लेकर अमीरों तक के लिए कई घोषणाएं की है. वहीं मोदी सरकार के इस बजट में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देते हुए देखा गया लेकिन रोजगार के मुद्दे पर इस बजट में कोई जोर नहीं दिखा.

Advertisement
X
नौकरियों का संकट खत्म होगा या नहीं
नौकरियों का संकट खत्म होगा या नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर दिया है. इस बजट में उन्होंने गरीबों से लेकर अमीरों तक के लिए कई घोषणाएं की हैं. वहीं सरकार के इस बजट में स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया गया है लेकिन रोजगार के मुद्दे पर इस बजट में कोई जोर नहीं दिखा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में स्टार्ट-अप के मुद्दे पर जोर देती हुई दिखाई दीं. स्टार्ट-अप को लेकर वित्त मंत्री ने कई एलान किए. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि स्टार्ट-अप के लिए दूरदर्शन पर कार्यक्रम लाए जाएंगे. स्टार्ट-अप को एंजल टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा स्टार्ट-अप के लिए आयकर विभाग की जांच नहीं होगी.

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कई शब्दों का बार-बार जिक्र किया. हालांकि उनके इस भाषण में 'रोजगार' शब्द गायब रहा. तो वहीं वित्त मंत्री के जरिए 'टैक्स' शब्द का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बार किया गया. 53 बार वित्त मंत्री ने टैक्स शब्द का इस्तेमाल किया.

Advertisement

budget-1_070519021428.jpgइन शब्दों की वित्त मंत्री ने की ज्यादा चर्चा

हालांकि इस पूरे बजट भाषण में रोजगार का मुद्दा नदारद रहा. रोजगार को लेकर सरकार की क्या रणनीतियां रहेंगी? क्या कोशिशें सरकार के जरिए रोजगार मुहैया करवाने के लिए किए जाएंगे? इन सवालों के जवाब इस बजट में नहीं मिले. देश में बेरोजगार लोगों का आंकड़ा काफी ज्यादा है, ऐसे में रोजगार के मुद्दे पर बजट भाषण में किसी तरह की कोई बात नहीं की गई. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी नौकरी सृजन को लेकर सवाल उठाया.

बीते कुछ महीनों से भारत में बेरोजगारी के आंकड़ों को लेकर बहस छिड़ी हुई है. हाल ही में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने बेरोजगारी के आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों में बताया गया कि देश में बेरोजगारी दर 45 साल के उच्‍चतम स्‍तर पर है. सीएसओ की रिपोर्ट को सरकार ने भी स्‍वीकार किया था, लेकिन बाद में संसद में श्रम मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने इन आंकड़ों को भ्रामक बताया. हालांकि, गंगवार ने कहा कि रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है.

Advertisement
Advertisement